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सिर्फ महिलाओं को नहीं, पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर: इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज,एम्स ने किया अलर्ट
Sun, 18 Oct 2026 05:20 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 18 Oct 2026 05:20 PM IST
सार
एम्स भोपाल ने स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत पुरुषों को भी बीमारी के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। छाती में गांठ, निप्पल का अंदर मुड़ना, त्वचा में बदलाव या असामान्य स्राव इसके संभावित संकेत हो सकते हैं। ये लक्षण हमेशा कैंसर नहीं होते, लेकिन इनमें बदलाव दिखने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्तन कैंसर का नाम सुनते ही आमतौर पर महिलाओं की बीमारी का ख्याल आता है, लेकिन पुरुष भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। पुरुषों में स्तन कैंसर के मामले अपेक्षाकृत कम होते हैं, लेकिन यही वजह है कि कई बार इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। छाती या निप्पल के आसपास गांठ, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, त्वचा में बदलाव या निप्पल से असामान्य स्राव जैसे संकेत दिखें तो सावधान हो जाएं। इन्हें मामूली परेशानी मानकर टालने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। एम्स भोपाल ने स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत पुरुषों में होने वाले स्तन कैंसर को लेकर लोगों को जागरूक किया है। संस्थान में 1 से 31 अक्टूबर तक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बताया गया कि स्तन कैंसर केवल महिलाओं को होने वाली बीमारी नहीं है। पुरुषों में भी इसके लक्षण सामने आ सकते हैं और समय पर जांच से बीमारी का निदान करने में मदद मिल सकती है।
छाती में गांठ दिखे तो न करें अनदेखी
पुरुषों में स्तन कैंसर का एक संभावित संकेत छाती या निप्पल के आसपास गांठ होना है। इसके अलावा निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, आसपास की त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव और बगल में गांठ भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर होना नहीं है। छाती में गांठ या अन्य बदलावों के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन किसी नए या लगातार बने लक्षण को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए।
परिवार में कैंसर का इतिहास तो रहें सतर्क
एम्स भोपाल के जागरूकता अभियान में बताया गया कि परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास और कुछ आनुवंशिक बदलाव किसी व्यक्ति में बीमारी का जोखिम प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है। पुरुषों में स्तन कैंसर के बारे में जानकारी कम होने के कारण लक्षणों को पहचानने और डॉक्टर तक पहुंचने में देरी हो सकती है। जागरूकता बढ़ाकर इस झिझक को कम करना जरूरी है, ताकि लोग बिना संकोच अपनी परेशानी बता सकें और समय पर चिकित्सा सहायता ले सकें।
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यह भी पढ़ें-दिग्विजय की यात्रा को राम जन्मभूमि आंदोलन के कारसेवक का साथ: बोले-सत्ता में बैठे लोग चोरों को नहीं पकड़ पा रहे
शर्म या झिझक में जांच कराने में न करें देरी
स्तन कैंसर को लेकर सामाजिक झिझक पुरुषों के लिए भी परेशानी बन सकती है। छाती या निप्पल में बदलाव होने पर इसे छिपाने या खुद ही ठीक होने का इंतजार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। समय पर परामर्श और उपयुक्त जांच से बीमारी की पहचान करने में मदद मिल सकती है। एम्स भोपाल का जागरूकता संदेश स्पष्ट है कि पुरुषों को भी स्तन कैंसर के संभावित लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। छाती में नई गांठ, निप्पल में बदलाव या असामान्य स्राव दिखने पर लापरवाही न करें। लक्षणों की जांच कराना जरूरी है, क्योंकि शुरुआती संकेतों को पहचानना आगे के उपचार की दिशा तय करने में मददगार हो सकता है।
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छाती में गांठ दिखे तो न करें अनदेखी
पुरुषों में स्तन कैंसर का एक संभावित संकेत छाती या निप्पल के आसपास गांठ होना है। इसके अलावा निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, आसपास की त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव और बगल में गांठ भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर होना नहीं है। छाती में गांठ या अन्य बदलावों के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन किसी नए या लगातार बने लक्षण को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए।
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परिवार में कैंसर का इतिहास तो रहें सतर्क
एम्स भोपाल के जागरूकता अभियान में बताया गया कि परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास और कुछ आनुवंशिक बदलाव किसी व्यक्ति में बीमारी का जोखिम प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है। पुरुषों में स्तन कैंसर के बारे में जानकारी कम होने के कारण लक्षणों को पहचानने और डॉक्टर तक पहुंचने में देरी हो सकती है। जागरूकता बढ़ाकर इस झिझक को कम करना जरूरी है, ताकि लोग बिना संकोच अपनी परेशानी बता सकें और समय पर चिकित्सा सहायता ले सकें।
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शर्म या झिझक में जांच कराने में न करें देरी
स्तन कैंसर को लेकर सामाजिक झिझक पुरुषों के लिए भी परेशानी बन सकती है। छाती या निप्पल में बदलाव होने पर इसे छिपाने या खुद ही ठीक होने का इंतजार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। समय पर परामर्श और उपयुक्त जांच से बीमारी की पहचान करने में मदद मिल सकती है। एम्स भोपाल का जागरूकता संदेश स्पष्ट है कि पुरुषों को भी स्तन कैंसर के संभावित लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। छाती में नई गांठ, निप्पल में बदलाव या असामान्य स्राव दिखने पर लापरवाही न करें। लक्षणों की जांच कराना जरूरी है, क्योंकि शुरुआती संकेतों को पहचानना आगे के उपचार की दिशा तय करने में मददगार हो सकता है।
