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दिग्विजय की जुबान फिसली: बोले-गोडसे की हत्या करने वाली ताकतों से लड़ना है, बाद में गांधी विचारधारा का जिक्र
Fri, 02 Oct 2026 05:48 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 02 Oct 2026 05:48 PM IST
सार
गांधी जयंती के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अहिंसा और गांधी की विचारधारा पर बोलते हुए जुबान फिसलने से कह दिया कि ऐसी ताकतों से लड़ना है, जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी। उन्होंने भाजपा से पूछा कि उसकी कौन सी विचारधारा और नीति महात्मा गांधी के विचारों से मेल खाती है।
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गांधी जयंती पर भोपाल में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गांधी जयंती पर भोपाल में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की जुबान फिसल गई। महात्मा गांधी की विचारधारा और अहिंसा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें ऐसी ताकतों से लड़ना है, जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी। हालांकि, उनके पूरे बयान का संदर्भ गांधी की हत्या और गांधीवादी विचारधारा के विरोध से जुड़ा था। कांग्रेस की ओर से मिंटो हॉल, शास्त्री प्रतिमा और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं के साथ दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात कही
दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के जरिए लड़ाई लड़ी। वे गरीबों के प्रति स्नेह रखते थे और उनके हक की लड़ाई लड़ते थे। गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चलकर उन ताकतों के खिलाफ लड़ना है, जिन्होंने देश के संविधान और गांधी की विचारधारा को खत्म करने की ठान रखी है। इसी दौरान बोलते हुए उनकी जुबान फिसली और उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों से लड़ना है, "जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।" गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने की थी, इसलिए उनका यह बयान तत्काल चर्चा का विषय बन गया।
जीतू पटवारी ने भाजपा पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से घृणा करने वाले गांधीजी के चरणों में फूल तो चढ़ाते हैं, लेकिन उनकी शिक्षा और विचारों को आत्मसात नहीं करते। पटवारी ने कहा कि ग्राम स्वराज और सत्ता का विकेंद्रीकरण गांधी की परिकल्पना थी। यही वह सार्थक सूत्र है, जो सच के साथ अंतिम व्यक्ति तक शासन की उपस्थिति का एहसास करा सकता है।
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दिग्विजय बोले- भाजपा बताए गांधी के विचारों से क्या मेल खाता है
मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पहले यह बताए कि उसकी कौन सी विचारधारा, कौन सी नीयत, कौन सी कर्मठता और कौन सा कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों से मेल खाता है।
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अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात कही
दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के जरिए लड़ाई लड़ी। वे गरीबों के प्रति स्नेह रखते थे और उनके हक की लड़ाई लड़ते थे। गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चलकर उन ताकतों के खिलाफ लड़ना है, जिन्होंने देश के संविधान और गांधी की विचारधारा को खत्म करने की ठान रखी है। इसी दौरान बोलते हुए उनकी जुबान फिसली और उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों से लड़ना है, "जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।" गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने की थी, इसलिए उनका यह बयान तत्काल चर्चा का विषय बन गया।
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जीतू पटवारी ने भाजपा पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से घृणा करने वाले गांधीजी के चरणों में फूल तो चढ़ाते हैं, लेकिन उनकी शिक्षा और विचारों को आत्मसात नहीं करते। पटवारी ने कहा कि ग्राम स्वराज और सत्ता का विकेंद्रीकरण गांधी की परिकल्पना थी। यही वह सार्थक सूत्र है, जो सच के साथ अंतिम व्यक्ति तक शासन की उपस्थिति का एहसास करा सकता है।
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दिग्विजय बोले- भाजपा बताए गांधी के विचारों से क्या मेल खाता है
मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पहले यह बताए कि उसकी कौन सी विचारधारा, कौन सी नीयत, कौन सी कर्मठता और कौन सा कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों से मेल खाता है।
