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सीलिंग पर सियासत तेज: कांग्रेस ने घेरा निगम मुख्यालय, भोपाल निगम की तैयारी तेज,आदेश मिलते ही फिर होगी कार्रवाई
Thu, 06 Aug 2026 06:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:17 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर मास्टर प्लान लागू करने और व्यापारियों को राहत देने की मांग की। वहीं, नगर निगम ने भी दोबारा सीलिंग अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत आदेश अपलोड होने के बाद शुक्रवार से कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद राजधानी में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। गुरुवार को कांग्रेस ने लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर नगर निगम का पुतला फूंकते हुए सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
25 साल से मास्टर प्लान नहीं, व्यापारी भुगत रहे खामियाजा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल पिछले 25 वर्षों से बिना मास्टर प्लान के चल रहा है। सरकार समय पर मास्टर प्लान लागू नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा आज हजारों व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में मास्टर प्लान अंतिम चरण में पहुंच चुका था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल नया मास्टर प्लान लागू करे। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक व्यापारियों को राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से संचालित छोटे व्यापार प्रभावित न हों।
कमर्शियल टैक्स वसूला तो अब राहत भी दे
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि यदि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के विरुद्ध हैं तो नगर निगम वर्षों से कमर्शियल कर किस आधार पर वसूलता रहा। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों से वसूला गया कमर्शियल कर वापस किया जाए। कांग्रेस नेता शोएब खान ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा। यदि निगम मजबूती से पैरवी करता तो व्यापारियों को राहत मिल सकती थी। इसी विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का पुतला दहन किया।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी हलचल
एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी और इस मामले में हाईकोर्ट से मिले सभी स्थगन आदेश भी निरस्त कर दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेशों के समानांतर कोई दूसरी प्रक्रिया नहीं चल सकती और अवैध निर्माण व भूमि उपयोग उल्लंघन के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि वह कार्रवाई करना चाहता है, लेकिन विभिन्न स्तरों पर बाधाएं आ रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के पालन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें-भोपाल के सरकारी स्कूल की बदहाली: जर्जर कमरों में पढ़ाई, न बिजली न पानी, 70 बच्चों को पढ़ा रही अकेली शिक्षिका
सीलिंग की तैयारी पूरी, आदेश अपलोड होने का इंतजार
इधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ दोबारा सीलिंग अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जा रही हैं और दिनभर इसे लेकर अधिकारियों के बीच मंथन चलता रहा। हालांकि, गुरुवार शाम तक सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत आदेश अपलोड नहीं होने के कारण कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। निगम के अधिकारी आदेश का इंतजार करते रहे। माना जा रहा है कि जैसे ही आदेश उपलब्ध होगा, उसके अनुरूप कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। संभावना है कि शुक्रवार से शहर के विभिन्न इलाकों में दोबारा सीलिंग अभियान शुरू हो सकता है।
मास्टर प्लान सीएम कार्यालय भेज दिया
कांग्रेस के भोपाल के मास्टर प्लान लागू करने की मांग पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। अब उनसे जानकारी ले लीजिएगा।
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25 साल से मास्टर प्लान नहीं, व्यापारी भुगत रहे खामियाजा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल पिछले 25 वर्षों से बिना मास्टर प्लान के चल रहा है। सरकार समय पर मास्टर प्लान लागू नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा आज हजारों व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में मास्टर प्लान अंतिम चरण में पहुंच चुका था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल नया मास्टर प्लान लागू करे। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक व्यापारियों को राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से संचालित छोटे व्यापार प्रभावित न हों।
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कमर्शियल टैक्स वसूला तो अब राहत भी दे
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि यदि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के विरुद्ध हैं तो नगर निगम वर्षों से कमर्शियल कर किस आधार पर वसूलता रहा। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों से वसूला गया कमर्शियल कर वापस किया जाए। कांग्रेस नेता शोएब खान ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा। यदि निगम मजबूती से पैरवी करता तो व्यापारियों को राहत मिल सकती थी। इसी विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का पुतला दहन किया।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी हलचल
एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी और इस मामले में हाईकोर्ट से मिले सभी स्थगन आदेश भी निरस्त कर दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेशों के समानांतर कोई दूसरी प्रक्रिया नहीं चल सकती और अवैध निर्माण व भूमि उपयोग उल्लंघन के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि वह कार्रवाई करना चाहता है, लेकिन विभिन्न स्तरों पर बाधाएं आ रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के पालन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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सीलिंग की तैयारी पूरी, आदेश अपलोड होने का इंतजार
इधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ दोबारा सीलिंग अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जा रही हैं और दिनभर इसे लेकर अधिकारियों के बीच मंथन चलता रहा। हालांकि, गुरुवार शाम तक सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत आदेश अपलोड नहीं होने के कारण कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। निगम के अधिकारी आदेश का इंतजार करते रहे। माना जा रहा है कि जैसे ही आदेश उपलब्ध होगा, उसके अनुरूप कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। संभावना है कि शुक्रवार से शहर के विभिन्न इलाकों में दोबारा सीलिंग अभियान शुरू हो सकता है।
मास्टर प्लान सीएम कार्यालय भेज दिया
कांग्रेस के भोपाल के मास्टर प्लान लागू करने की मांग पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। अब उनसे जानकारी ले लीजिएगा।
