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MP News: दतिया उपचुनाव की जीत का 'इनाम', भाजपा के पूर्व नेता को कांग्रेस ने प्रदेश महासचिव की दी जिम्मेदारी
Thu, 06 Aug 2026 01:37 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 06 Aug 2026 01:37 PM IST
सार
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने पूर्व भाजपा नेता अवधेश नायक को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। लगातार दो बार टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने चुनाव में सक्रिय रहकर पार्टी के लिए काम किया, जिसके बाद उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली।
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जीतू पटवारी समेत पार्टी के अन्य नेताओं के साथ अवधेश नायक (पीले कुर्ते में)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक संदेश दिया है। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व नेता अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया गया है। इसे दतिया उपचुनाव में उनकी सक्रिय भूमिका और पार्टी के प्रति लगातार दिखाई गई निष्ठा का पुरस्कार माना जा रहा है। अवधेश नायक का राजनीतिक सफर पिछले तीन वर्षों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरा। भाजपा छोड़कर वर्ष 2023 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ाने का मन बनाया था। उनको टिकट दे दिया गया था, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस ने टिकट बदलते हुए राजेंद्र भारती को उम्मीदवार बना दिया। इसके बावजूद नायक ने कोई सार्वजनिक नाराजगी नहीं दिखाई और पार्टी के साथ बने रहे।
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उपचुनाव में दावेदार, लेकिन नहीं मिला टिकट
दतिया उपचुनाव में भी अवधेश नायक का नाम कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों में सबसे आगे माना जा रहा था। हालांकि पार्टी ने अंततः घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। दूसरी बार टिकट नहीं मिलने के बावजूद नायक चुनाव मैदान से दूर नहीं हुए। उन्होंने पूरे चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई और विशेष रूप से ब्राह्मण समाज के बीच कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी संभाली। चुनाव के दौरान उनकी सभाओं, बैठकों और जनसंपर्क अभियान को कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा माना गया।
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पार्टी ने सक्रियता का किया सम्मान
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बदलाव की शुरुआत करते हुए अवधेश नायक को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंप दी। इसे न केवल उनकी सक्रियता का सम्मान माना जा रहा है, बल्कि यह संदेश भी माना जा रहा है कि पार्टी उन नेताओं को महत्व दे रही है, जिन्होंने व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर उठकर संगठन के लिए काम किया।
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उपचुनाव में दावेदार, लेकिन नहीं मिला टिकट
दतिया उपचुनाव में भी अवधेश नायक का नाम कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों में सबसे आगे माना जा रहा था। हालांकि पार्टी ने अंततः घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। दूसरी बार टिकट नहीं मिलने के बावजूद नायक चुनाव मैदान से दूर नहीं हुए। उन्होंने पूरे चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई और विशेष रूप से ब्राह्मण समाज के बीच कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी संभाली। चुनाव के दौरान उनकी सभाओं, बैठकों और जनसंपर्क अभियान को कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा माना गया।
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पार्टी ने सक्रियता का किया सम्मान
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बदलाव की शुरुआत करते हुए अवधेश नायक को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंप दी। इसे न केवल उनकी सक्रियता का सम्मान माना जा रहा है, बल्कि यह संदेश भी माना जा रहा है कि पार्टी उन नेताओं को महत्व दे रही है, जिन्होंने व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर उठकर संगठन के लिए काम किया।
