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Bhopal News: अब रिवार्ड पॉइंट के बहाने और फर्जी सैन्य अफसर बनकर जालसाज कर रहे लाखों की ठगी, तीन को बनाया शिकार
Wed, 05 Aug 2026 11:12 PM IST
भोपाल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:12 PM IST
सार
भोपाल में साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग मामलों में सेवानिवृत्त अधिकारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और फर्नीचर कारोबारी से लाखों रुपये ठग लिए। अपराधियों ने बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी और सेना के अधिकारी बनकर झांसा दिया। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
भोपाल में साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग मामलों में सेवानिवृत्त अधिकारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और फर्नीचर कारोबारी से लाखों रुपये ठग लिए। अपराधियों ने बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी और सेना के अधिकारी बनकर झांसा दिया। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर अपराधी ठगी के लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कहीं बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बनकर रिवार्ड पॉइंट रिडीम कराने का झांसा दिया जा रहा है, तो कहीं सेना के अधिकारी बनकर बड़े ऑर्डर के नाम पर कारोबारियों को फंसाया जा रहा है। राजधानी भोपाल में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में सेवानिवृत्त अधिकारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और फर्नीचर कारोबारी से लाखों रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। सभी मामलों में साइबर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेवानिवृत्त अधिकारी के खाते से 99 हजार उड़ाए
हबीबगंज थाना क्षेत्र के रविशंकर नगर निवासी 62 वर्षीय अनिल कुमार झारिया मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब दो से सवा दो बजे के बीच उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इनमें दो बार 37-37 हजार रुपये तथा एक बार में 25 हजार रुपये निकाले गए। अगले दिन उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से जुड़े लगातार ओटीपी आने लगे। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से भी अनधिकृत लेनदेन किए गए। शिकायत के आधार पर हबीबगंज साइबर थाना पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें- गोद लेने के बहाने बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी प्यारे मियां के खिलाफ साक्ष्य पूरे, शुक्रवार को अंतिम बयान
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रिवार्ड पॉइंट के नाम पर इंजीनियर से 42 हजार ऐंठे
सेकेंड स्टॉप, तुलसी नगर निवासी 25 वर्षीय भूपेश रैकवार एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। भूपेश से रिवार्ड पॉइंट रिडीम कराने के बहाने 42,005 रुपये की ठगी की गई। भूपेश ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई को वह घर पर लैपटॉप के माध्यम से क्लाइंट के साथ वीडियो मीटिंग में व्यस्त थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनके रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का अंतिम दिन है। उसने एक वेबसाइट पर लॉगिन कर नाम, पता, ई-मेल, क्रेडिट कार्ड नंबर और कार्ड लिमिट जैसी जानकारी भरने को कहा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी भी पूछ लिया। ओटीपी साझा करते ही उनके खाते से 42,005 रुपये कट गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी मेजर बनकर कारोबारी से एक लाख रुपये ऐंठे
उधर, कटारा हिल्स निवासी 42 वर्षीय अनिल विश्वकर्मा, जिनकी बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया में फर्नीचर निर्माण की यूनिट है, को जालसाज ने सेना का मेजर बनकर निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 10 जुलाई को इंडिया मार्ट के माध्यम से संपर्क किया और स्वयं को आर्मी में मेजर बताते हुए 10 झूले खरीदने के लिए 2.08 लाख रुपये का ऑर्डर दिया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर फर्जी वर्क ऑर्डर भी भेज दिया। 27 जुलाई को सामान तैयार होने की जानकारी मिलने पर भुगतान प्रक्रिया के नाम पर एक बैंक खाता और एक कोड भेजा गया। भरोसा दिलाने के लिए पहले कारोबारी से पांच रुपये ट्रांसफर कराए और बदले में 10 रुपये वापस भेज दिए। इसके बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने दो बार 99,995 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब आरोपी ने और राशि भेजने का दबाव बनाया तो कारोबारी को संदेह हुआ। सैन्य अधिकारियों से वर्क ऑर्डर की पुष्टि कराने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सेवानिवृत्त अधिकारी के खाते से 99 हजार उड़ाए
हबीबगंज थाना क्षेत्र के रविशंकर नगर निवासी 62 वर्षीय अनिल कुमार झारिया मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब दो से सवा दो बजे के बीच उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इनमें दो बार 37-37 हजार रुपये तथा एक बार में 25 हजार रुपये निकाले गए। अगले दिन उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से जुड़े लगातार ओटीपी आने लगे। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से भी अनधिकृत लेनदेन किए गए। शिकायत के आधार पर हबीबगंज साइबर थाना पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
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रिवार्ड पॉइंट के नाम पर इंजीनियर से 42 हजार ऐंठे
सेकेंड स्टॉप, तुलसी नगर निवासी 25 वर्षीय भूपेश रैकवार एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। भूपेश से रिवार्ड पॉइंट रिडीम कराने के बहाने 42,005 रुपये की ठगी की गई। भूपेश ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई को वह घर पर लैपटॉप के माध्यम से क्लाइंट के साथ वीडियो मीटिंग में व्यस्त थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनके रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का अंतिम दिन है। उसने एक वेबसाइट पर लॉगिन कर नाम, पता, ई-मेल, क्रेडिट कार्ड नंबर और कार्ड लिमिट जैसी जानकारी भरने को कहा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी भी पूछ लिया। ओटीपी साझा करते ही उनके खाते से 42,005 रुपये कट गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी मेजर बनकर कारोबारी से एक लाख रुपये ऐंठे
उधर, कटारा हिल्स निवासी 42 वर्षीय अनिल विश्वकर्मा, जिनकी बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया में फर्नीचर निर्माण की यूनिट है, को जालसाज ने सेना का मेजर बनकर निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 10 जुलाई को इंडिया मार्ट के माध्यम से संपर्क किया और स्वयं को आर्मी में मेजर बताते हुए 10 झूले खरीदने के लिए 2.08 लाख रुपये का ऑर्डर दिया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर फर्जी वर्क ऑर्डर भी भेज दिया। 27 जुलाई को सामान तैयार होने की जानकारी मिलने पर भुगतान प्रक्रिया के नाम पर एक बैंक खाता और एक कोड भेजा गया। भरोसा दिलाने के लिए पहले कारोबारी से पांच रुपये ट्रांसफर कराए और बदले में 10 रुपये वापस भेज दिए। इसके बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने दो बार 99,995 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब आरोपी ने और राशि भेजने का दबाव बनाया तो कारोबारी को संदेह हुआ। सैन्य अधिकारियों से वर्क ऑर्डर की पुष्टि कराने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
