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MP: दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष के निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल करने वाले तीन पार्टी कार्यकर्ता गिरफ्तार, जेल भेजा
Wed, 05 Aug 2026 11:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:29 PM IST
सार
दतिया उपचुनाव के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष के निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल करने के आरोप में भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, फर्जी लेटरपैड बनाकर सोशल मीडिया पर पत्र फैलाया गया था। मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दतिया उपचुनाव में भाजपा को हराने का षड्यंत्र रचने के लिए 30 जुलाई को मतदान के ही दिन दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा के निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल करने वाले तीन युवकों को भोपाल क्राइम ब्रांच ने दतिया से हिरासत में लेकर भोपाल लेकर आई और पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
तीनों आरोपी दतिया भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता हैं। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उसमें एक क्रिश रावत है, जो भाजपा के एक कद्दावर नेता का करीबी बताया जाता है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि क्रिश रावत ने ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का फर्जी लेटरपैड बनाकर उसमें दतिया के भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित करने का फर्जी पत्र वायरल किया था। वायरल करने का जिम्मा शादाब और शाहरूख को सौंपा गया था। यह दोनों भी गिरफ्तार हो चुके हैं। शादाब भाजपा दतिया नगर मंडल का मीडिया प्रभारी और शाहरूख खान नगर मंडल का उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। हालांकि, भाजपा का इस संबंध में अभी कोई पक्ष नहीं आया कि तीनों गिरफ्तार आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता हैं या नहीं। तीनों को बुधवार को भोपाल जिला अदालत में गुपचुप तरीके से पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा होने और पूरी तरह से राजनीतिक होने के कारण पुलिस अधिकारी भी मीडिया में बयान देने से बच रहे हैं।
ये भी पढ़ें- नरोत्तम का भावुक पोस्ट: बोले- आशुतोष मेरे अनुज, मैं उनके अभिभावक जैसा.. हमारे बारे में फैलाई जा रही बातें गलत
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मोबाइल जांच के लिए भेजे
भोपाल क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की। शाहरूख खान को उसके कार्यालय से और शादाब को ठंडी सड़क क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहन जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे फैलाने में क्या किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ था। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
बिना क्रमांक और तिथि का पत्र कर दिया वायरल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा वायरल किए गए इस फर्जी पत्र में न तो कोई आधिकारिक क्रमांक दर्ज था और न ही कोई तिथि अंकित थी। मतदान वाले दिन इस पत्र को बड़ी संख्या में व्हाट्सएप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया। इसके चलते राजनीतिक हलकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
भाजपा की हार की वजह बना पत्र
कुशवाहा समाज के लोगों ने इसे समाज के स्वाभिमान व प्रतिष्ठा से जोड़ लिया, जिससे नाराज होकर उन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं किया। माना जा रहा है कि पार्टी की हार के पीछे यह फर्जी पत्र एक प्रमुख कारण बना। बता दें, इस भीतरघात और चुनावी हार के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा सहित पूरी जिला कार्यकारिणी, सभी मंडलों, शक्ति केंद्रों, मोर्चों और विभागों की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।
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तीनों आरोपी दतिया भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता हैं। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उसमें एक क्रिश रावत है, जो भाजपा के एक कद्दावर नेता का करीबी बताया जाता है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि क्रिश रावत ने ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का फर्जी लेटरपैड बनाकर उसमें दतिया के भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित करने का फर्जी पत्र वायरल किया था। वायरल करने का जिम्मा शादाब और शाहरूख को सौंपा गया था। यह दोनों भी गिरफ्तार हो चुके हैं। शादाब भाजपा दतिया नगर मंडल का मीडिया प्रभारी और शाहरूख खान नगर मंडल का उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। हालांकि, भाजपा का इस संबंध में अभी कोई पक्ष नहीं आया कि तीनों गिरफ्तार आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता हैं या नहीं। तीनों को बुधवार को भोपाल जिला अदालत में गुपचुप तरीके से पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा होने और पूरी तरह से राजनीतिक होने के कारण पुलिस अधिकारी भी मीडिया में बयान देने से बच रहे हैं।
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मोबाइल जांच के लिए भेजे
भोपाल क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की। शाहरूख खान को उसके कार्यालय से और शादाब को ठंडी सड़क क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहन जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे फैलाने में क्या किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ था। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
बिना क्रमांक और तिथि का पत्र कर दिया वायरल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा वायरल किए गए इस फर्जी पत्र में न तो कोई आधिकारिक क्रमांक दर्ज था और न ही कोई तिथि अंकित थी। मतदान वाले दिन इस पत्र को बड़ी संख्या में व्हाट्सएप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया। इसके चलते राजनीतिक हलकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
भाजपा की हार की वजह बना पत्र
कुशवाहा समाज के लोगों ने इसे समाज के स्वाभिमान व प्रतिष्ठा से जोड़ लिया, जिससे नाराज होकर उन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं किया। माना जा रहा है कि पार्टी की हार के पीछे यह फर्जी पत्र एक प्रमुख कारण बना। बता दें, इस भीतरघात और चुनावी हार के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा सहित पूरी जिला कार्यकारिणी, सभी मंडलों, शक्ति केंद्रों, मोर्चों और विभागों की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।
