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मध्य प्रदेश: कौन हैं ये टाइगर बाबा? जो पेड़ पर रहकर चार माह तक करेंगे तप; चातुर्मास में छोड़ दी सुविधाएं भी

Thu, 06 Aug 2026 02:16 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 06 Aug 2026 02:16 PM IST
सार

उज्जैन में चातुर्मास के दौरान श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संत नृसिंह घाट पर पेड़ पर बनी झोपड़ी में चार माह की वृक्षवास साधना शुरू की है। बाबा का कहना है कि यह तप विश्व शांति, जनकल्याण और भगवान महाकाल की आराधना के लिए समर्पित है। चलिए बता रहे हैं टाइगर बाबा के बारे में..।

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Tiger Baba's 4-Month Tree Hut Tapasya in Ujjain: No Roof, Only Devotion
पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

विस्तार

चातुर्मास शुरू होते ही उज्जैन में साधना का एक अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संत टाइगर बाबा ने देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक चार माह की कठोर वृक्षवास साधना शुरू की है। इस दौरान वे मां शिप्रा के तट स्थित नृसिंह घाट पर एक विशाल पेड़ पर बनी छोटी-सी झोपड़ी में रहकर तपस्या कर रहे हैं।

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टाइगर बाबा ने पेड़ पर बनी साधारण झोपड़ी को ही अपना आश्रय बनाया है। इस झोपड़ी में न तो पक्की छत है, न दीवारें और न ही किसी प्रकार की आधुनिक सुविधा। बाबा चार माह तक गर्मी, बारिश और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच इसी स्थान पर रहकर साधना करेंगे। शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। नीचे शिप्रा नदी का प्रवाह और ऊपर पेड़ पर बैठे बाबा के मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठता है।

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विश्व कल्याण के लिए कर रहे हैं तप
टाइगर बाबा ने बताया कि उनकी यह साधना विश्व शांति, विश्व कल्याण और जनकल्याण की भावना से प्रेरित है। वे प्रतिदिन यज्ञ और पूजा-अर्चना भी करते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित उनके आश्रम में पिछले छह वर्षों से अखंड रामायण पाठ चल रहा है, लेकिन इस चातुर्मास में उन्होंने सभी सुविधाएं छोड़कर वृक्षवास साधना का संकल्प लिया है।

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उन्होंने कहा कि पेड़ पर रहकर तप करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और यह सब बाबा महाकाल की कृपा से संभव हुआ है। उन्होंने अन्य संतों से भी आडंबर छोड़कर भक्ति, साधना और तपस्या के मार्ग पर चलने की अपील की।



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दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
टाइगर बाबा की वृक्षवास साधना की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं का नृसिंह घाट पर पहुंचना शुरू हो गया है। श्रावण मास में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु टाइगर बाबा का आशीर्वाद लेने भी पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उनकी तपस्या को देखने और दर्शन करने के लिए नृसिंह घाट पहुंच रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल तपस्या नहीं, बल्कि भगवान महाकाल के प्रति समर्पण और आस्था का अद्भुत उदाहरण है।

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

 

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

 

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

पेड़ पर झोपड़ी बनाकर साधना कर रहे टाइगर बाबा

 

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