फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Investor Summit Indore: 51 acres of land allotted for a mall—no investment materialized, no jobs were created;

इन्वेस्टर समिट इंदौर: मॉल के नाम पर 51 एकड़ जमीन, न निवेश आया न नौकरियां मिलीं, कोर्ट जाएगी कांग्रेस

Thu, 15 Oct 2026 06:27 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 15 Oct 2026 06:27 PM IST
सार

 इंदौर के कुमेड़ी में मॉल बनाने के लिए हुए 2007 के निवेश करार पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि 490 करोड़ रुपये के निवेश और चार हजार रोजगार का वादा पूरा नहीं हुआ, जबकि 51 एकड़ जमीन की बिक्री और कॉलोनी विकास की अनुमति का मामला सामने आया। कांग्रेस ने लोकायुक्त जांच की मांग की है और कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

विज्ञापन
Investor Summit Indore: 51 acres of land allotted for a mall—no investment materialized, no jobs were created;
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मध्य प्रदेश में निवेश के नाम पर हुए करारों की पड़ताल अब राजनीतिक टकराव का मुद्दा बनती जा रही है। कांग्रेस ने इंदौर के कुमेड़ी में 51 एकड़ जमीन पर मॉल बनाने के लिए हुए करार को लेकर सरकार और इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि 490 करोड़ रुपये के निवेश और चार हजार लोगों को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं हुआ, लेकिन जिस जमीन पर परियोजना बननी थी, उसकी बिक्री हो गई और वहां कॉलोनी विकसित करने की अनुमति भी जारी हो गई। कांग्रेस ने मामले में लोकायुक्त जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए कि वर्ष 2007 की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मीट में जेकेएम इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ बिग मॉल बनाने का समझौता हुआ था। कांग्रेस का सवाल है कि जब परियोजना तय शर्तों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ी, तो जमीन वापस लेने की कार्रवाई समय रहते क्यों नहीं हुई।
विज्ञापन


करार में निवेश, रोजगार और सरकारी राजस्व का बड़ा दावा
कांग्रेस के मुताबिक, करार में करीब 490 करोड़ रुपये का निवेश, 280 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश और चार हजार लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव था। परियोजना से केंद्र और राज्य सरकार को करीब 250 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की बात भी कही गई थी। नायक ने बताया कि यह एमओयू तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुआ था। पार्टी ने 11 जुलाई 2008 की आईडीए नोटशीट का हवाला देते हुए कहा कि जमीन को योजना से मुक्त रखने का प्रस्ताव इस शर्त पर था कि कंपनी उसी जमीन पर प्रस्तावित परियोजना बनाएगी। शर्तें पूरी नहीं होने की स्थिति में जमीन दोबारा अधिग्रहित किए जाने का प्रावधान होने का भी कांग्रेस ने दावा किया।
विज्ञापन


मॉल की जगह कॉलोनी, जमीन की बिक्री पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए जमीन मिलने के बाद भी बिग मॉल नहीं बना। पार्टी के मुताबिक, वर्ष 2010 में आईडीए ने कंपनी से परियोजना की प्रगति की जानकारी मांगी थी। इसके बाद भी काम आगे नहीं बढ़ा। कांग्रेस का दावा है कि 2023 में जमीन की बिक्री हुई और उसी वर्ष 24 फरवरी को श्रीराम एन्क्लेव कॉलोनी विकसित करने के लिए अनुमतियां जारी की गईं। नायक ने बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए जमीन का सौदा करीब 46.50 करोड़ रुपये में होने की बात कही। कांग्रेस के अनुसार, इसके बावजूद आईडीए ने 26 जून 2024 को नोटिस जारी कर पूछा कि परियोजना पर काम क्यों शुरू नहीं हुआ। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब मॉल बनाने की शर्त पर जमीन दी गई थी, तो उसके दूसरे व्यावसायिक इस्तेमाल और बिक्री की स्थिति कैसे बनी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरे मामले में करीब 300 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप
कांग्रेस ने इसी क्षेत्र में इंफोसिस को आवंटित करीब 130 एकड़ जमीन का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि वहां काम शुरू नहीं होने पर जमीन वापस लेने की कार्रवाई की गई, तो कुमेड़ी की जमीन के मामले में वैसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। नायक ने हाल ही में संबंधित क्षेत्र में बने पांच सितारा होटल के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में करीब 300 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया है। हालांकि, यह पार्टी का दावा है; नुकसान की राशि और जमीन के आवंटन से लेकर बिक्री तक की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।


यह भी पढ़ें-कांग्रेस में लौटने को 600 नेताओं ने जताई इच्छा: दो सौ से ज्यादा पूर्व विधायक-जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी ने थामा हाथ


निवेश करारों की जांच के लिए कांग्रेस की 15 प्रेस कॉन्फ्रेंस
मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस निवेश के नाम पर हुए समझौतों की पड़ताल के लिए करीब 15 प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। अगली कड़ी में खनन पट्टों के आवंटन और बिक्री का मुद्दा उठाने की बात कही गई है। पार्टी भोपाल के अशोका लेक व्यू होटल और पर्यटन विभाग की संपत्तियों की बिक्री से जुड़े मामलों को भी सामने लाने की तैयारी में है। कांग्रेस ने कुमेड़ी मामले में जमीन के मूल आवंटन, एमओयू की शर्तों, उपयोग में बदलाव और बिक्री की जांच लोकायुक्त से कराने की मांग की है। नायक ने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। अब इस मामले में आईडीए और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed