{"_id":"69957b961f28c1e83b080bd5","slug":"madhya-pradesh-budget-2026-27-healthcare-investment-new-medical-colleges-digital-health-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Budget: 14 नए मेडिकल कॉलेज, 3,850 डॉक्टर पदों को भरने की तैयारी, जानें बजट में स्वास्थ्य में क्या रहा खास?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Budget: 14 नए मेडिकल कॉलेज, 3,850 डॉक्टर पदों को भरने की तैयारी, जानें बजट में स्वास्थ्य में क्या रहा खास?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 18 Feb 2026 02:33 PM IST
विज्ञापन
सार
मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल बजट 23,747 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
मध्य प्रदेश बजट 2026
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। यह मोहन यादव सरकार का तीसरा और जगदीश देवड़ा का सातवां बजट है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने किसानों, महिलाओं, युवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जाने वाले बड़े ऐलान भी साझा किए। मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 23,747 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि यह बजट प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े कदम
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा, "स्वास्थ्य मानव की पूंजी है।" हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डिजिटल स्वास्थ्य पहल के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अब तक 55 जिला चिकित्सालय, 158 सिविल चिकित्सालय, 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1,442 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 10,256 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 48 हजार बिस्तर उपलब्ध हैं। मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में नए जिला चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। विशेष ध्यान उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर दिया गया है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थाओं में 228 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
फाइनेंस मंत्री देवड़ा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 5 नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शुरू किए गए हैं। एम.बी.बी.एस पाठ्यक्रम की सीटें 2,275 से बढ़ाकर 2,850 की गई हैं। स्नातकोत्तर सीटें 1,262 से बढ़कर 1,468 हो गई हैं। इंदौर, रीवा और सतना के चिकित्सा महाविद्यालयों को उन्नत किया गया है। भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, सागर और ग्वालियर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
निजी क्षेत्र की भागीदारी
सरकार ने जन-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से धार, बैतूल और पन्ना में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए अनुबंध किए हैं। इसके अलावा भिंड, मुरैना, खरगौन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में 9 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया चल रही है। लोक स्वास्थ्य संवर्ग में 3,850 चिकित्सक और 1,256 नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) और आयुष्मान वय वंदना योजना
फाइनेंस मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) के तहत 4 करोड़ 46 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 15 लाख 48 हजार कार्ड बनकर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर दिया गया है।
इस योजना के तहत 1,118 शासकीय और 720 निजी अस्पताल जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के लिए 2,139 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार भारतीय चिकित्सा पद्धति के माध्यम से निदान और इलाज में भी तेजी ला रही है। प्रदेश में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं।
Trending Videos
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े कदम
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा, "स्वास्थ्य मानव की पूंजी है।" हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डिजिटल स्वास्थ्य पहल के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अब तक 55 जिला चिकित्सालय, 158 सिविल चिकित्सालय, 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1,442 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 10,256 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 48 हजार बिस्तर उपलब्ध हैं। मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में नए जिला चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। विशेष ध्यान उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर दिया गया है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थाओं में 228 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
फाइनेंस मंत्री देवड़ा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 5 नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शुरू किए गए हैं। एम.बी.बी.एस पाठ्यक्रम की सीटें 2,275 से बढ़ाकर 2,850 की गई हैं। स्नातकोत्तर सीटें 1,262 से बढ़कर 1,468 हो गई हैं। इंदौर, रीवा और सतना के चिकित्सा महाविद्यालयों को उन्नत किया गया है। भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, सागर और ग्वालियर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
निजी क्षेत्र की भागीदारी
सरकार ने जन-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से धार, बैतूल और पन्ना में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए अनुबंध किए हैं। इसके अलावा भिंड, मुरैना, खरगौन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में 9 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया चल रही है। लोक स्वास्थ्य संवर्ग में 3,850 चिकित्सक और 1,256 नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) और आयुष्मान वय वंदना योजना
फाइनेंस मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) के तहत 4 करोड़ 46 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 15 लाख 48 हजार कार्ड बनकर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर दिया गया है।
इस योजना के तहत 1,118 शासकीय और 720 निजी अस्पताल जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के लिए 2,139 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार भारतीय चिकित्सा पद्धति के माध्यम से निदान और इलाज में भी तेजी ला रही है। प्रदेश में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं।

कमेंट
कमेंट X