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मौसम विभाग की चेतावनी: चार दिनों तक पूर्वी एमपी में होगी मूसलाधार बारिश, आज सात जिलों में भारी वर्षा के आसार

Sat, 29 Aug 2026 07:06 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 29 Aug 2026 07:06 AM IST
सार

मध्यप्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो रहा है। पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन तेज बारिश के आसार हैं। आज रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल में रिमझिम हो सकती है, जबकि इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में बारिश कमजोर रहेगी।

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Monsoon smiles on Eastern MP again: 4-day spell of rain; heavy rainfall warning for 7 districts today.
मध्य प्रदेश मौसम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्यप्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखाई देगा। अगले चार दिनों तक रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल में हल्की बारिश या रिमझिम होने के आसार हैं। पूर्वी जिलों के अलावा जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश की संभावना कम है।
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लो प्रेशर और मानसून ट्रफ सक्रिय, लेकिन असर सीमित
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के आसपास निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। हालांकि इनका प्रभाव पूरे मध्यप्रदेश में समान नहीं है। यही वजह है कि पूर्वी जिलों में बारिश का जोर ज्यादा रहेगा, जबकि पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है।
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बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से 2.6 इंच पीछे
मध्यप्रदेश में अब तक 683.9 मिलीमीटर यानी करीब 26.9 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 750.9 मिलीमीटर यानी 29.5 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में बारिश करीब 2.6 इंच कम है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में 6 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
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37 जिलों में कम बारिश की चिंता
पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम है। प्रदेश के 37 जिलों में बारिश 1 से 49 प्रतिशत तक कम दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी बारिश की कमी बनी हुई है। इसके उलट अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

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जुलाई का कोटा पूरा, जून की कमी अब भी बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में शुरुआती तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिन सूखे रहे। जुलाई के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र से बारिश ने फिर जोर पकड़ा और जुलाई का कोटा पूरा हो गया। इसके बावजूद जून में हुई कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। मध्यप्रदेश में पूरे मानसूनी सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।

 
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