MP: सीएम डॉ. यादव बोले- संविदा कर्मी सरकार के ‘हनुमान’, 2023 संविदा नीति के पूर्ण क्रियान्वयन का सीएम का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी और भविष्य में नियमित पदों पर अवसर देने के लिए ठोस कदम उठाएगी। भोपाल में आयोजित महासम्मेलन में उन्होंने कहा कि संविदा कर्मी शासन व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम, निष्ठा और विश्वास के बल पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीन पर उतार पा रही है। संविदाकर्मी केवल शासन का कार्यबल नहीं, बल्कि सरकार का आत्मबल हैं। उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है, जिनके परिश्रम से शासन-प्रशासन की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में आयोजित मध्य प्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय और तकनीकी सेवाओं सहित लगभग सभी विभागों में संविदाकर्मी जमीनी स्तर पर सर्वे, निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मी अनुबंध पर जरूर आते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को संभालने में उनकी भूमिका बेहद बड़ी है। संविदाकर्मियों ने अपने कार्य से यह साबित किया है कि सेवा पद से बड़ी होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संविदाकर्मियों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीते वर्षों में सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए कई सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की सभी उचित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
संविदा नीति का अक्षरश: पालन कराया जाएगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि संविदा नीति–2023 के सभी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। 10 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर समायोजन के लिए वर्तमान में 50 प्रतिशत पदों पर प्रक्रिया चल रही है और आगे इस दिशा में और कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और संविदा कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर सभी विभागों में नीति का अक्षरश: पालन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संविदाकर्मियों को एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। विभिन्न विभागों में समकक्षता से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति समय-सीमा में निर्णय करेगी। सम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ और संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारी हित में निरंतर कार्य कर रही है। सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में संविदा अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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