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MP News: जन्मदिन पर सीएम मोहन यादव आज वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की बामनेर नदी में कछुए छोड़ेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 25 Mar 2026 08:24 AM IST
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सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने जन्मदिन के अवसर पर 25 मार्च को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे बामनेर नदी में कछुओं को छोड़ेंगे और चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन करेंगे। यह टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा रिजर्व है, जहां टाइगर, भेड़िए और कई दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं। यहां पर्यटन और रोजगार की भी अच्छी संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार 25 मार्च को बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं।
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टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।
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टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।
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