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बिजली दर बढ़ोतरी पर संग्राम: PCC चीफ का कड़ा विरोध,बोले- आदेश वापस लो, वरना सड़क से सदन तक होगा बड़ा आंदोलन

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 27 Mar 2026 05:40 PM IST
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सार

मध्य प्रदेश में बिजली दरों में 4.80% बढ़ोतरी को लेकर जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि आदेश नहीं बदला गया तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।

Battle Over Electricity Tariff Hike: PCC Chief Issues Ultimatum to CM—Withdraw the Order, or Face a Massive Ag
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 मध्य प्रदेश में बिजली दरों में प्रस्तावित 4.80% बढ़ोतरी को लेकर सियासत गरमा गई है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तीखा पत्र लिखते हुए इस फैसले को जनविरोधी करार दिया है और तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही साफ चेतावनी दी है कि अगर निर्णय नहीं बदला गया, तो कांग्रेस प्रदेशभर में उग्र विरोध प्रदर्शन करेगी।
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जनसेवा नहीं, वसूली का मॉडल
अपने पत्र में PCC चीफ ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनसेवा” के बजाय सरकारी वसूली के मॉडल पर काम कर रही है, जबकि पहले से ही महंगाई से लोग परेशान हैं।
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पुराने आंकड़ों से सरकार को घेरा
पत्र में यह भी कहा गया कि पिछले एक दशक में प्रदेश में बिजली दरें 22 से 24% तक बढ़ चुकी हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0-50 यूनिट की दर में भी 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा हर महीने FPPAS (फ्यूल सरचार्ज) के नाम पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

सरकार से सीधे सवाल
- बिजली कंपनियों के घाटे की जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?
- हर साल घाटा दिखाकर जनता से वसूली क्यों?
- क्या गलत प्रबंधन और भ्रष्टाचार का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है?
- क्या गरीब, किसान और मध्यम वर्ग सिर्फ बिल भरने के लिए रह गया है?

EV छूट को बताया दिखावा
पत्र में सरकार द्वारा ईवी चार्जिंग पर दी जा रही 20% छूट को भी “भ्रम” बताया गया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में ईवी उपयोगकर्ताओं की संख्या सीमित है, ऐसे में इस छूट का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचता, जबकि बिजली दरों में वृद्धि का असर हर घर पर पड़ता है।

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हर वर्ग पर पड़ेगा असर
PCC चीफ ने चेतावनी दी कि इस फैसले का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि छोटे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे इन वर्गों के लिए यह फैसला और मुश्किलें बढ़ाने वाला है।

चार बड़ी मांगें रखीं
- कांग्रेस ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
- 4.80% बिजली दर वृद्धि तत्काल वापस ली जाए
- FPPAS जैसे शुल्कों की पारदर्शी समीक्षा हो
- बिजली कंपनियों के घाटे की स्वतंत्र जांच कराई जाए
- गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत पैकेज दिया जाए

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आंदोलन की चेतावनी
पत्र के अंत में साफ शब्दों में कहा गया है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस “सड़क से लेकर सदन तक” इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी।


 
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