सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   TET Controversy Gains Momentum: 12 Teachers' Organizations in Madhya Pradesh Unite on a Single Platform; Phase

टीईटी विवाद ने पकड़ी रफ्तार: मध्यप्रदेश के 12 शिक्षक संगठन एक मंच पर, 8 अप्रैल में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 31 Mar 2026 10:35 AM IST
विज्ञापन
सार

मध्यप्रदेश में टीईटी अनिवार्यता को लेकर विवाद तेज हो गया है। 12 शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर 8 से 18 अप्रैल तक चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है, जिसका समापन भोपाल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा से होगा। शिक्षक टीईटी नियमों में बदलाव, सेवा सुरक्षा और अस्पष्ट आदेशों के विरोध में सरकार पर पुनर्विचार का दबाव बना रहे हैं।

TET Controversy Gains Momentum: 12 Teachers' Organizations in Madhya Pradesh Unite on a Single Platform; Phase
शिक्षक संगठनों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मध्यप्रदेश में टीईटी अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद अब आंदोलन के नए चरण में प्रवेश कर गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने अलग-अलग विरोध की बजाय एकजुट होकर संयुक्त मोर्चा बना लिया है और सरकार के खिलाफ संगठित लड़ाई छेड़ने की तैयारी कर ली है। इस एकता के साथ अब संघर्ष को व्यापक रूप देने की रणनीति तय की गई है।
Trending Videos


एकजुट हुए शिक्षक, बनाया साझा मोर्चा
टीईटी और सेवा शर्तों को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। संगठनों का कहना है कि अब यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि नौकरी की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से सभी संगठन एक मंच से आवाज बुलंद करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन की रूपरेखा
8 अप्रैल: जिला स्तर पर प्रदर्शन
11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
18 अप्रैल: राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा
इस दौरान प्रदेशभर के शिक्षक बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।

यह भी पढ़ें-एमपी में मौसम ने लिया यू टर्न, आज 16 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 3 अप्रैल तक रहेगा असर


सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें
शिक्षक संगठनों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आदेश को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश के जारी आदेश से लाखों शिक्षक असमंजस में हैं।

नियम बदलना अन्याय, शिक्षकों का आरोप
संगठनों का कहना है कि वर्षों पहले तय नियमों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों पर अब नई शर्तें लागू करना अनुचित है। उनका तर्क है कि लंबे समय बाद नियमों में बदलाव करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे सेवा शर्तों पर भी असर पड़ता है।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश निगम-मंडलों में नियुक्तियों की सूची तैयार, केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलते ही होगी जारी

अस्पष्ट आदेश से बढ़ी परेशानी
शिक्षकों के मुताबिक DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन पर टीईटी लागू होगा और किन पर नहीं। इसी वजह से करीब डेढ़ लाख शिक्षक असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। टीईटी के साथ-साथ सेवा अवधि और वरिष्ठता निर्धारण का मुद्दा भी आंदोलन का अहम हिस्सा बन गया है। शिक्षक संगठन इस पर स्पष्ट नीति की मांग कर रहे हैं।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed