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MP News: UCC को लेकर सीएम यादव ने साधा विपक्ष पर निशाना, कहा- इस पर रुख स्पष्ट करे कांग्रेस
Tue, 14 Jul 2026 12:38 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:38 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बनी समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। उन्होंने कांग्रेस से भी इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख बताने की मांग की।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जुलाई की सुबह विधानसभा पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी जी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा की। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।
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सीएम डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संहिता का फाइनल प्रतिवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर और समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है।
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अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी से बाहर रखने की अनुशंसा
प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।
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पूर्व सीएम कैलाश जोशी का योगदान चिरस्मरणीय है
बता दें मुख्यमंत्री यादव पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के जयंती पर मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित "पुष्पांजलि कार्यक्रम" में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं। सादगी, शुचिता, जनसेवा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित उनका जीवन सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण के प्रति उनका अमूल्य योगदान चिरस्मरणीय है।
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सीएम डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संहिता का फाइनल प्रतिवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर और समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है।
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प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।
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पूर्व सीएम कैलाश जोशी का योगदान चिरस्मरणीय है
बता दें मुख्यमंत्री यादव पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के जयंती पर मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित "पुष्पांजलि कार्यक्रम" में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं। सादगी, शुचिता, जनसेवा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित उनका जीवन सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण के प्रति उनका अमूल्य योगदान चिरस्मरणीय है।
