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MP News: फेसबुक में काम का झांसा देकर निकाल ली किडनी, इंसाफ के लिए भटक रही महिला, जिम्मेदारों ने कहा...
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 29 Apr 2024 08:54 PM IST
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सार
फेसबुक में काम का झांसा देकर किडनी निकालने का मामला सामने आया है। अब महिला इंसाफ के लिए भटक रही है। वहीं, जिम्मेदारों ने कहा कि जांच चल रही है।
पीड़ित महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आधुनिक दौर में सोशल साइटों से पैसे की ठगी का मामला तो सामने आता था, अब लोगों के अंग भी चुराए जाने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट तहसील के एक गांव का सामने आया है। यहां एक आदिवासी महिला को फेसबुक पर काम का लालच देकर कोलकाता बुलाकर उसकी किडनी निकाल ली गई है।
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महिला का आरोप है कि उसको और उसके पति को कोलकाता ले जाकर बंधक बनाया गया था और इस दौरान जालसाजों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। जब उनके बंधक से छूटकर वापस शिवनी पहुंचे तो वहां के एसपी से शिकायत की। शिकायत को करीब दो महीना बीत गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
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यह है पूरा मामला
सिवनी जिले के बरघाट ग्राम जावरकाठी की रहने वाली आदिवासी महिला संध्या इनवाती पति राजीव इनवाती 2023 में अपने पति राजीव का इलाज कराने अपने गांव से नागपुर पहुंची थी। इस दौरान उन्हें पैसे की कमी होने लगी थी और वह वहां काम ढूंढ रही थी और इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया फेसबुक पर किडनी निकालने वाले जालसाजों ने काम का लालच देकर कोलकाता ले गए। और उन्हें बताया गया कि गोल्ड की कंपनी में उन्हें काम दिया जाएगा, जिसके एवज में उन्हें काफी पैसे मिलेंगे। लालच में आकर वे वहां चले गए। कंपनी में लगाने के लिए उनका ब्लड टेस्ट कराया गया कराया गया।
इसके बाद अब्दुल कलाम नाम के व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनकी किडनी निकाली जाएगी और उसके बेटी को लगाई जाएगी। जब संध्या और उसके पति ने किसका विरोध किया तो उन लोगों ने उन्हें कहा कि जो पैसे करीब 35-40 हजार रुपये ले चुके हो, वह अभी तुरंत दो और नहीं तो तुम्हारा वीडियो बना हुआ है। पुलिस मे मेरे रिश्तेदार हैं केस बनवाकर जेल में डलवा देंगे। इस डर से वह चुप रहे इस दौरान जालसाजों ने उनको गाड़ी में बंद कर शिवनी ले आए और तहसीलदार एवं थाने से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली और उन्हें दोबारा गाड़ी में बंद कर कोलकाता के अपोलो अस्पताल में ले जाकर किडनी ट्रांसप्लांट कर दी गई।
जालसाजों ने उन्हें एक महीने तक उन्हें बंधक बनाए रखा मौका पाते ही वहां से वे भाग निकले और अपने गांव पहुंच गए। इसके बाद फरवरी माह में शिवनी एसपी से शिकायत करने पहुंचे पूरी कहानी बताने के बाद एसपी ने कहा की चिंता मत करो कार्रवाई करेंगे। दो महीने से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला की हालत लगातार खराब हो रही है, उसका इलाज नागपुर में चल रहा है। जैसा कि अमर उजाला टीम को पीड़िता के पति राजीव ने बयाया।
पूर्व आईएएस अधिकारी भी आए सहयोग में
पूर्व आईएएस सचिव मध्यप्रदेश शासन डॉ. श्याम सिंह कुमारे भी पीड़िता के सहयोग में सामने आए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री सहित संवैधानिक संस्थाओं को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि तहसीलदार को स्वतंत्र रूप से अकेले में वेरीफिकेशन के पूर्व परिवार से चर्चा कर वीडियोग्राफी कर कथन अंकित करना चाहिए था। स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र निश्चित उद्देश्य के लिए दिया जाता है। किडनी दान के लिए नहीं संगठित गिरोह बनाकर ऐसे अपराध हो रहे हैं। इन सब तथ्यों की जांच सीबीआई से कराई जाए।
राकेश सिंह एसपी सिवनी ने कहा, किडनी निकालने की शिकायत मेरे पास आई है। नागपुर से कोलकाता ले जाकर किडनी निकाली गई है, जिसकी जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
भोपाल से संदीप तिवारी की रिपोर्ट

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