सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Security and sanitation agency to be changed again in Mapcost, tender issued to cover up corruption

MP News: मैपकॉस्ट में फिर बदलेगी सुरक्षा-सफाई एजेंसी, भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने को अब निकाला टेंडर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 23 Jan 2026 09:58 PM IST
विज्ञापन
सार

मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) ने सुरक्षा और सफाई के ठेके में अनियमितताओं के आरोपों के बाद नया टेंडर जारी किया है। इससे पहले मैपकास्ट और राज्य सहकारी  संघ ने मिलीभगत कर अपनी चहेती फर्म को काम दे दिया था। अब शिकायत के बाद फिर टेंडर जारी किया है। 

MP News: Security and sanitation agency to be changed again in Mapcost, tender issued to cover up corruption
मैपकास्ट - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) ने सुरक्षा और साफ सफाई के ठेके के भ्रष्टाचार को दबाने के लिए अब नए सिरे से टेंडर जारी किया है। दरअसल, मैपकॉस्ट ने बिना अर्हता रखने वाले राज्य सहकारी संघ से अनुबंध कर चहेती फर्म को सुरक्षा और साफ सफाई का ठेका दे दिया था। यह मध्य प्रदेश भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 का स्पष्ट उल्लंघन था। 
Trending Videos

इस मामले में अमर उजाला ने 22 दिसंबर 2025 को 'नियमों की अनदेखी, राज्य सहकारी संघ में बंदरबांट, बिना टेंडर चहेती एजेंसियों को दे डाले गार्ड-श्रमिकों के ठेके' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) ने सुरक्षा, सफाई के लिए नया टेंडर जारी कर दिया है। इसके लिए 23 फरवरी तक निविदा जमा करने का समय दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  भोपाल में ई-रिक्शा व्यवस्था फेल: 9 महीने बाद भी रूट तय नहीं, सड़कों पर लग रहा जाम, RTO को भेजा गया रूट प्लान

दरअसल, राज्य सहकारी संघ पर गंभीर आरोप हैं कि उसने शासन के भंडार क्रय नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के सुरक्षा गार्ड और श्रमिक सेवाओं के ठेके चहेती एजेंसियों को सौंप दिए। नियमों के मुताबिक राज्य सहकारी संघ केवल अपने विभागीय कार्यालयों में ही सीधे सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध करा सकता है, लेकिन इसके बावजूद संघ ने अन्य विभागों, परिषदों और निगमों में भी मैनपॉवर और सिक्योरिटी के अनुबंध कर दिए। अब सवाल यह है कि राज्य सहकारी संघ और मैपकास्ट के सांठगांठ कर किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या अधिकारी कोई कार्रवाई करेंगे। 

ये भी पढ़ें- भोपाल स्लॉटर हाउस: कांग्रेस का आरोप, MIC ने परिषद को दरकिनार कर दिया 20 साल का लाइसेंस,महापौर को हटाने की मांग

संघ की तरफ से दी भ्रामक जानकारी 
सहकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य सहकारी संघ  आरटीआई के जरिए जब अन्य विभागों में मैनपॉवर उपलब्ध कराने से जुड़े शासनादेश मांगे गए, तो संघ की ओर से भ्रामक जानकारी दी गई। जवाब में केवल 9 सितंबर 2021 का आदेश दिया गया, जिसमें राज्य सहकारी संघ को सिर्फ सहकारिता विभाग में ही मानव संसाधन सेवा प्रदाता के रूप में अनुमति दी गई है। इन अनियमितताओं को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन और सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव डीपी आहूजा से भी शिकायत की गई।

ये भी पढ़ें- MP News: भोजशाला में मां वाग्देवी के पूजन को लेकर रामेश्वर शर्मा बोले- मंदिर स्थल पर इबादत स्वीकार नहीं होती

मैपकॉस्ट में नहीं रुक रही अनियमितता! 
बता दें, मैपकॉस्ट में वैज्ञानिक गतिविधियों के बजाय निर्माण और साज-सज्जा पर बजट खपाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि परिषद के कर्ताधर्ता की प्राथमिकता रिसर्च और नवाचार की जगह गेस्ट हाउस और ऑडिटोरियम के रेनोवेशन पर करोड़ों रुपये खर्च करने की है। इसके लिए 23 दिसंबर 2025 को परिषद के रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. विवेक कटारे की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसकी अनुशंसा को केवल औपचारिकता बताया जा रहा है। दरअसल इसके पीछे कहानी यह है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में करोड़ों रुपये एमपीएलयूएन और पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर करने की प्लानिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि परिषद में चेहते ठेकेदार सीधे मैपकास्ट के डीजी से मेल मुलाकात कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शासन ने पिछले दो वर्षों से निर्माण मद में कोई बजट आवंटित नहीं किया है। 

ये भी पढ़ें- MP Weather Today: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, MP के उत्तरी इलाकों में बारिश का अनुमान, बड़े शहरों में छाए बादल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed