{"_id":"6a71cfee95ef17d81808072d","slug":"uproar-over-mp-ot-technician-recruitment-counseling-held-appointment-letters-handed-out-then-160-candidat-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP की ओटी टेक्नीशियन भर्ती पर बवाल: काउंसलिंग कराई,नियुक्ति पत्र थमाए... फिर 160 अभ्यर्थियों को कर दिया बाहर!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP की ओटी टेक्नीशियन भर्ती पर बवाल: काउंसलिंग कराई,नियुक्ति पत्र थमाए... फिर 160 अभ्यर्थियों को कर दिया बाहर!
Tue, 04 Aug 2026 05:12 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 04 Aug 2026 05:12 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में ओटी टेक्नीशियन भर्ती को लेकर विवाद गहरा गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन और कुछ को नियुक्ति पत्र देने के बाद अब करीब 160 अभ्यर्थियों को प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई का हवाला देकर भर्ती से बाहर कर दिया गया है। विरोध में अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
विज्ञापन
भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में ओटी (ऑपरेशन थिएटर) टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पूरी चयन प्रक्रिया पूरी कराने और नियुक्ति पत्र तक जारी करने के बाद अब उन्हें प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई का हवाला देकर भर्ती से बाहर किया जा रहा है। विरोध में चयनित अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अभ्यर्थियों के मुताबिक सितंबर 2025 में भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी और नवंबर 2025 में परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद जनवरी 2026 में चॉइस फिलिंग, दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग कराई गई। मार्च 2026 में 25 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जुलाई 2026 में 205 पदों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान करीब 160 अभ्यर्थियों को यह कहते हुए अपात्र घोषित कर दिया गया कि उन्होंने प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई की है। उनका सवाल है कि यदि उनकी शैक्षणिक योग्यता मान्य नहीं थी, तो उन्हें काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया में शामिल क्यों किया गया। उनका आरोप है कि नियुक्ति पत्र जारी कर वापस लेना भर्ती प्रक्रिया की गंभीर लापरवाही है।
45 मेडिकल कॉलेजों में जरूरत, फिर भी नहीं मिल रही नियुक्ति,भूख हड़ताल जारी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के 45 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ओटी टेक्नीशियन की जरूरत है, लेकिन योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही। उन्होंने मांग की है कि अपात्र घोषित करने के आदेश वापस लिए जाएं, सभी पात्र अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दी जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अपनी मांगों के समर्थन में अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें-एमपी में फिर बदलेगा मानसून का मिजाज, 6 अगस्त से तेज बारिश की वापसी, 16% बारिश की कमी बरकरार
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग बोला- मानवीय त्रुटि, जल्द होगा समाधान
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक मनोज पुष्प ने कहा कि मामला विभाग की जानकारी में है और इस पर काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए कहा कि सुधार की प्रक्रिया जारी है। विभाग जल्द ही समस्या का समाधान करेगा और प्रभावित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन
45 मेडिकल कॉलेजों में जरूरत, फिर भी नहीं मिल रही नियुक्ति,भूख हड़ताल जारी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के 45 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ओटी टेक्नीशियन की जरूरत है, लेकिन योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही। उन्होंने मांग की है कि अपात्र घोषित करने के आदेश वापस लिए जाएं, सभी पात्र अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दी जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अपनी मांगों के समर्थन में अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-एमपी में फिर बदलेगा मानसून का मिजाज, 6 अगस्त से तेज बारिश की वापसी, 16% बारिश की कमी बरकरार
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग बोला- मानवीय त्रुटि, जल्द होगा समाधान
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक मनोज पुष्प ने कहा कि मामला विभाग की जानकारी में है और इस पर काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए कहा कि सुधार की प्रक्रिया जारी है। विभाग जल्द ही समस्या का समाधान करेगा और प्रभावित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर जारी किए जाएंगे।
