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कौन हैं आईएएस पवन जैन: जिन्हें मिली भिंड की कमान; इंदौर में दिव्यांग से दुर्व्यवहार को लेकर चर्चा में रहे
Fri, 16 Oct 2026 07:40 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 16 Oct 2026 07:40 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईएएस पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर बनाया गया है। वे इंदौर में दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार, बैतूल में आदिवासी भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं।
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भिंड कलेक्टर पवन कुमार जैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में 23 आईएएस अधिकारियों के तबादलों के तहत 2013 बैच के आईएएस पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर बनाया गया है। वे इंदौर में दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार और आदिवासी भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामले के अलावा एक पुराने प्रकरण में ईओडब्ल्यू की जांच को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बीच आईएएस पवन कुमार जैन एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्हें भिंड जिले की कमान सौंपी गई है। इससे पहले वे इंदौर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग युवक से दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। इसको लेकर भी पवन कुमार जैन चर्चा में रहे हैं।
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दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार के बाद हटाए गए थे
पवन जैन इंदौर में अपर कलेक्टर रहते हुए जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग युवक सोनू पाठक से कथित दुर्व्यवहार के मामले में चर्चा में आए थे। युवक अपने दादा के मकान को अपने नाम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था। बताया गया था कि जनसुनवाई के दौरान युवक के मोबाइल का एक हिस्सा उछलकर अधिकारी के मुंह पर लग गया था। इसके बाद जैन पर युवक से अपशब्द कहने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्हें इंदौर में अपर कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में अटैच कर दिया गया था।
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बैतूल में आदिवासी जमीन के हस्तांतरण की अनुमति का मामला
पवन जैन बैतूल में एसडीएम रहते हुए आदिवासियों की जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामले को लेकर भी चर्चा में रहे। आरोप था कि उन्होंने नियमों के विपरीत आदिवासी भूमि सामान्य वर्ग के लोगों को बेचने की अनुमति दी थी। इस मामले में कार्रवाई के बाद उन्हें पद से हटाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इस प्रकरण में संबंधित आदेशों और अंतिम निष्कर्षों की पुष्टि के आधार पर ही किसी उल्लंघन को अंतिम रूप से स्थापित माना जाना चाहिए।
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ईओडब्ल्यू की जांच में राजस्व नुकसान का आरोप
जैन से जुड़ा एक अन्य मामला इंदौर के सांवेर क्षेत्र की एक कॉलोनी के विकास कार्यों और बंधक प्लॉट मुक्त करने से संबंधित बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सांवेर निवासी सैफुद्दीन ने वर्ष 2015 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत की थी। शिकायत में तत्कालीन एडीओ राजस्व पवन जैन पर पद के दुरुपयोग और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर कम पर्यवेक्षण शुल्क जमा कराने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के मुताबिक, कॉलोनी के आंतरिक विकास कार्य पूरे होने से पहले ही बंधक प्लॉट मुक्त कर दिए गए, जिससे सरकार को करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया गया। इस मामले में EOW की जांच और अभियोजन स्वीकृति मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
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टीकमगढ़ के रहने वाले हैं पवन कुमार जैन
पवन कुमार जैन मूल रूप से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1971 को हुआ था। उन्होंने भौतिक शास्त्र में एमएससी की पढ़ाई की है। वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे और पदोन्नति के जरिए वर्ष 2013 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए। मंत्रालय में सहकारिता विभाग के उप सचिव के रूप में पदस्थ रहे जैन को अब भिंड जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर के तौर पर उनके सामने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी होगी।
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दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार के बाद हटाए गए थे
पवन जैन इंदौर में अपर कलेक्टर रहते हुए जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग युवक सोनू पाठक से कथित दुर्व्यवहार के मामले में चर्चा में आए थे। युवक अपने दादा के मकान को अपने नाम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था। बताया गया था कि जनसुनवाई के दौरान युवक के मोबाइल का एक हिस्सा उछलकर अधिकारी के मुंह पर लग गया था। इसके बाद जैन पर युवक से अपशब्द कहने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्हें इंदौर में अपर कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में अटैच कर दिया गया था।
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बैतूल में आदिवासी जमीन के हस्तांतरण की अनुमति का मामला
पवन जैन बैतूल में एसडीएम रहते हुए आदिवासियों की जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामले को लेकर भी चर्चा में रहे। आरोप था कि उन्होंने नियमों के विपरीत आदिवासी भूमि सामान्य वर्ग के लोगों को बेचने की अनुमति दी थी। इस मामले में कार्रवाई के बाद उन्हें पद से हटाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इस प्रकरण में संबंधित आदेशों और अंतिम निष्कर्षों की पुष्टि के आधार पर ही किसी उल्लंघन को अंतिम रूप से स्थापित माना जाना चाहिए।
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ईओडब्ल्यू की जांच में राजस्व नुकसान का आरोप
जैन से जुड़ा एक अन्य मामला इंदौर के सांवेर क्षेत्र की एक कॉलोनी के विकास कार्यों और बंधक प्लॉट मुक्त करने से संबंधित बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सांवेर निवासी सैफुद्दीन ने वर्ष 2015 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत की थी। शिकायत में तत्कालीन एडीओ राजस्व पवन जैन पर पद के दुरुपयोग और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर कम पर्यवेक्षण शुल्क जमा कराने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के मुताबिक, कॉलोनी के आंतरिक विकास कार्य पूरे होने से पहले ही बंधक प्लॉट मुक्त कर दिए गए, जिससे सरकार को करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया गया। इस मामले में EOW की जांच और अभियोजन स्वीकृति मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
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टीकमगढ़ के रहने वाले हैं पवन कुमार जैन
पवन कुमार जैन मूल रूप से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1971 को हुआ था। उन्होंने भौतिक शास्त्र में एमएससी की पढ़ाई की है। वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे और पदोन्नति के जरिए वर्ष 2013 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए। मंत्रालय में सहकारिता विभाग के उप सचिव के रूप में पदस्थ रहे जैन को अब भिंड जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर के तौर पर उनके सामने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी होगी।
