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भिंड में हैवानियत: राह चलती युवती को तीन दोस्तों ने खींचकर कार में बैठाया, फिर बारी-बारी से नोंचते रहे
Thu, 16 Jul 2026 05:42 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 05:42 PM IST
सार
भिंड के सुरपुरा क्षेत्र में एक युवती के साथ तीन युवकों द्वारा कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़िता ने मेडिकल परीक्षण में सात घंटे की देरी का आरोप लगाया, जिसके बाद अस्पताल और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
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युवती से सामूहिक दुष्कर्म
- फोटो : साकंतिक फोटो
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विस्तार
भिंड के सुरपुरा थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ ज्यादती का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन युवकों ने युवती को जबरन कार में बंधक बनाया और सुनसान स्थान पर ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ ज्यादती की। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। आरोप है कि यहां भी पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए करीब सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पीड़िता का कहना है कि भिंड कलेक्टर से संपर्क करने के बाद ही उसका मेडिकल परीक्षण हो सका। घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। 29 वर्षीय युवती सुरपुरा थाना क्षेत्र में एक मंदिर के रास्ते से होकर जाने वाले रास्ते से गुजर रही थी। इसी दौरान नावली गांव निवासी सुमित यादव नाम का युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने युवती का रास्ता रोककर उसे जबरन एक सफेद रंग की कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी उसे बीहड़ क्षेत्र में सुनसान स्थान पर ले गए, जहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद रात करीब 1 बजे आरोपी युवती को छोड़कर फरार हो गए।
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घटना के बाद पीड़िता ने सबसे पहले अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद वह सुरपुरा थाना पहुंची और पुलिस को पूरी घटना बताई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। मामले की जांच के दौरान पुलिस रात करीब 1 बजे पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। आरोप है कि वहां रातभर पीड़िता मेडिकल जांच के लिए इंतजार करती रही। इस दौरान पीड़िता और उसके परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अस्पताल के मेडिकल स्टाफ से भी मेडिकल परीक्षण कराने की गुहार लगाई। पीड़िता का कहना है कि सुबह कलेक्टर से संपर्क करने के बाद ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
इस दौरान एक ओर जिला अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, वहीं सुरपुरा थाना प्रभारी अरविंद्र सिकरवार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए। थाना प्रभारी ने महिला आरक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, लेकिन मेडिकल परीक्षण में हो रही देरी को लेकर कोई पहल नहीं की। न तो उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा की और न ही इस संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इस पूरे मामले में एसडीओपी रविंद्र वास्कले का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद तथा दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की विवेचना जारी है।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। आरोप है कि यहां भी पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए करीब सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पीड़िता का कहना है कि भिंड कलेक्टर से संपर्क करने के बाद ही उसका मेडिकल परीक्षण हो सका। घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। 29 वर्षीय युवती सुरपुरा थाना क्षेत्र में एक मंदिर के रास्ते से होकर जाने वाले रास्ते से गुजर रही थी। इसी दौरान नावली गांव निवासी सुमित यादव नाम का युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने युवती का रास्ता रोककर उसे जबरन एक सफेद रंग की कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी उसे बीहड़ क्षेत्र में सुनसान स्थान पर ले गए, जहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद रात करीब 1 बजे आरोपी युवती को छोड़कर फरार हो गए।
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घटना के बाद पीड़िता ने सबसे पहले अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद वह सुरपुरा थाना पहुंची और पुलिस को पूरी घटना बताई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। मामले की जांच के दौरान पुलिस रात करीब 1 बजे पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। आरोप है कि वहां रातभर पीड़िता मेडिकल जांच के लिए इंतजार करती रही। इस दौरान पीड़िता और उसके परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अस्पताल के मेडिकल स्टाफ से भी मेडिकल परीक्षण कराने की गुहार लगाई। पीड़िता का कहना है कि सुबह कलेक्टर से संपर्क करने के बाद ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
इस दौरान एक ओर जिला अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, वहीं सुरपुरा थाना प्रभारी अरविंद्र सिकरवार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए। थाना प्रभारी ने महिला आरक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, लेकिन मेडिकल परीक्षण में हो रही देरी को लेकर कोई पहल नहीं की। न तो उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा की और न ही इस संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इस पूरे मामले में एसडीओपी रविंद्र वास्कले का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद तथा दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की विवेचना जारी है।
