Burhanpur: निम्बोला में मेले के दौरान प्रतिबंधित पाड़ों की लड़ाई पर प्रशासन सख्त, 17 लोगों पर मामला दर्ज
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में मकर संक्रांति मेले के दौरान हेलों की लड़ाई आयोजित करने पर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मेला अनुमति के बावजूद पशु क्रूरता के इस आयोजन से हाईवे पर जाम लगा। पुलिस ने वीडियोग्राफी के आधार पर कार्रवाई की और सख्त कदम उठाने की बात कही।
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मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के निम्बोला थाना क्षेत्र में मकर संक्रांति के अवसर पर पाड़ों (हेलों) की लड़ाई के आयोजन को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जिनमें 8 हेला मालिक और 9 आयोजनकर्ता शामिल हैं।
घटना 15 जनवरी को मचलपुरा क्षेत्र में मजार के पास हुई, जहां संक्रांति मेले के दौरान हेलों की टक्कर का आयोजन किया गया। निंबोला, मगरूल, झिरी, चुलखान और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आयोजन को देखने पहुंचे थे। पुलिस की चेतावनी और समझाइश के बावजूद आयोजनकर्ताओं ने इस अवैध आयोजन को अंजाम दिया। इसके चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने इस मेले की वीडियोग्राफी कराई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। जिन 17 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें आयोजनकर्ताओं के रूप में सुरेंद्र महाजन, कमलेश पाटिल, अकबर तड़वी, गणेश चौधरी, इकबाल तड़वी, बशीर खान, शेख रफीक, दीपक महाजन, कैलाश सावले और हेला मालिक पीयूष पाटिल, अमोल महाजन, कुणाल वर्मा, सत्तु बृजलाल, शब्बीर पठान, गोविंद महाजन, कुल्लु रमजान तड़वी, शकील फकीरा शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आयोजन के लिए एसडीएम बुरहानपुर से दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक मेले की अनुमति ली गई थी। हालांकि, मेले की आड़ में पशु क्रूरता का आयोजन किया गया, जबकि बुरहानपुर जिले में हेलों की लड़ाई पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इससे पहले शाहपुर और नेपानगर में भी ऐसे अवैध आयोजनों पर कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसात्मक आयोजनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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