Burhanpur: आदिवासियों का धर्मांतरण किए जाने पर बजरंग दल का हंगामा, तीन जिलों के 10 लोगों पर मामला दर्ज
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्राम केरपनी में एक आदिवासी के घर बड़े पंडाल में ईसाई धर्म की प्रार्थना कराई जा रही थी। आरोप है कि आदिवासियों को ईसाई धर्म अपनाने और बीमारियां ठीक होने का लालच दिया गया। बजरंग दल और स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम केरपनी में धर्मांतरण किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां रहने वाले एक आदिवासी के घर, एक बड़ा पांडाल लगाकर ईसाई धर्म की प्रार्थना कराई जा रही थी। साथ ही आदिवासियों को हिंदू धर्म का नहीं होने और ईसाई धर्म अपनाने का लालच देते हुए, ईसाई धर्म अपनाने से बीमारियों के ठीक होने का बताया जा रहा था। मामले की जानकारी लगते ही धार्मिक संगठन बजरंग दल से जुड़े कुछ युवा और गांव के कई लोग वहां पहुंचे थे, जिसके बाद हंगामे की स्थिति बनी। इस दौरान मौके पर नेपानगर थाना पुलिस भी पहुंची, जहां बजरंग दल के सदस्यों ने गांव में धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए। वहीं, पंडाल में मौजूद ईसाई धर्म के लोगों ने अपने साथ मारपीट होने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि इस बीच सभी को नेपानगर थाना लाया गया, यहां एक शिकायती आवेदन मिलने पर खंडवा, बुराहनपुर और नागपुर जिलों के 10 लोगों के खिलाफ, धर्म परिवर्तन कराने से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है और अब इस मामले की जांच की जा रही है।
ईसाई धर्म अपनाने से बीमारी होगी ठीक
इस मामले में ग्राम गोलखेड़ा के बलिराम किराड़े ने धर्मान्तरण किए जाने का आरोप लगाते हुए इस पर कार्रवाई करने का एक आवेदन भी नेपानगर पुलिस को सौंपा है। जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें मालूम चला था कि ग्राम केरपनी के शांतिलाल बडोले के घर इसाई धर्म की प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा है। यहां पर बीमार लोग इसाई धर्म की प्रार्थना करते हैं और वे हिन्दू धर्म छोड़कर इसाई धर्म अपनाते हैं, तो उनकी बीमारी ठीक हो जाती है। अपनी पेट दर्द की बीमारी के चलते उन्होंने वहां जाकर देखा तो एक बड़े पंडाल में लोगों की भीड़ थी और माइक पर इसाई धर्म के गीत गाये जा रहे थे। साथ ही वहां ईसाई धर्म अपनाने के फायदे बताये जा रहे थे और कुछ बाहरी लोग ईसाई धर्म परिवर्तन करने का लालच दे रहे थे। जिन्होंने बलिराम को भी हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने का लालच दिया था। साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों का कहना था कि आदिवासी हिन्दू धर्म में नहीं आते हैं। इसे देख उन्होंने अपने साथियों के साथ धर्मांतरण करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आवेदन दिया है।
बाहरी लोगों के द्वारा किया गया धर्मांतरण
इस मामले में नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जयसवाल ने बताया कि ग्राम केरपानी में शांतिराम के घर कुछ कार्यक्रम किया जा रहा था। उसमें फरियादी बलिराम के द्वारा बताया गया कि समाज के और बाहरी कुछ लोग आए थे, जिनके द्वारा धर्मांतरण किया गया और बलिराम को भी धर्मांतरण का लालच दिया गया था। उसके बाद इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मामला जांच में लिया गया है।
10 लोगों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज
अब फरियादी बलिराम की शिकायत पर थाना नेपानगर में आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन करने से जुड़ा एक मामला धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया है। इनमें शांतिलाल पिता भायटा, निवासी ग्राम केरपानी, प्यारसिंग पिता सालम, निवासी माजरोद कला खकनार, काशीराम पिता रगला, निवासी फेलवाडी खकनार, गुडिया पिता जागसिंग पंवार, निवासी उसारनी खकनार, सुखलाल पिता इसमल सोलंकी, निवासी उसारनी खकनार, नरसिंग पिता सिलदार बारेला, निवासी साईंराम कालोनी रामनगर खडवा, शेलेश पिता याकूव गायकवाड, निवासी खकनार, सुगंधी बाई पति ववन गायकवाड, निवासी रेस्ट हाउस के सामने खकनार, एंजेला पति शेलेश गायकवाड़, निवासी शिर्डीपुरम खकनार, डेनियल पिता डेविड पलसपगा, निवासी स्मृतिनगर वाडी थाना वाडी जिला नागपुर को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया है।

कमेंट
कमेंट X