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Burhanpur: कोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ नाले का सीमांकन, अब टूटेंगे अतिक्रमण, राजस्व और निगम का अमला कर रहा जांच

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: बुरहानपुर ब्यूरो Updated Thu, 14 Nov 2024 09:09 PM IST
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Demarcation of drain started on court's order, now encroachments will be demolished
हाई कोर्ट के आदेश के बाद नाले की जांच करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम
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मध्यप्रदेश की बुरहानपुर नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से मिलकर पांडारोल नाले का सीमांकन करने पहुंची थी। इस दौरान राजस्व अमले ने यहां किए गए अतिक्रमण भी चिन्हित किए हैंं, जिसकी लिस्ट बनाकर इस सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
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बता दें कि यहां पसरे अतिक्रमण से दुखी शहर के एक समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश सेईवाल ने इसको लेकर मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर में एक जनहित याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई के दौरान इस मामले में बुरहानपुर कलेक्टर को कोर्ट द्वारा निर्देशित किया गया था  इसके बाद अब प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग की टीम से शहर के प्रगतिनगर से लेकर पांडारोल नाले तक का सीमांकन कार्य शुरू करवाया गया है।
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इस टीम में शामिल राजस्व विभाग के सुनिल बागुल ने बताया कि,अभी नाले का सीमांकन कराया जा रहा है। इसकी शुरुआत प्रगति नगर से की गई है, और अभी सिंधी बस्ती के नाले तक का सीमांकन किया गया है। यह सीमांकन की कार्रवाई उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश और उसके बाद जिला कलेक्टर से मिले निर्देशों पर की जा रही है। फिलहाल यहां मौजूद अतिक्रमण की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत की जाएगी। यहां अभी सात से आठ अतिक्रमण भी पाए गए हैं। इस नाले की लंबाई 900 से एक हजार मीटर है, जिसके एक सिरे से चलकर आखिरी तक इसका पूरा सीमांकन किया जाएगा।

बता दें कि राकेश सेईवाल ने 10 अक्तूबर 2023 को कलेक्टर बुरहानपुर से नाले पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। इसमें सिंधीबस्ती लालबाग रोड़ पर पांडारोल नाले पर बने पुल के कुछ दूरी से लेकर लालबाग रोड, एमपीईबी ऑफिस तक शासकीय भूमि, भूजल, नाले पर आस पास के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। पक्के अतिक्रमण से नाला संकरा हो गया है जिससे बारिश में नाले का बहाव नहीं हो पाता है। इसको लेकर अतिक्रमण तोड़े जाने की मांग की गई थी, लेकिन जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उन्होंने हाईकोर्ट जबलपुर में जनहित याचिका दायर की। इसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पीआईएल पर आदेश जारी किए हैं।


हाई कोर्ट के आदेश के बाद नाले की जांच करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम

हाई कोर्ट के आदेश के बाद नाले की जांच करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम

 

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