Burhanpur: एसएएफ हवलदार की अचानक मौत, ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर नेपानगर अस्पताल में तोड़ा दम
MP: हवलदार कैलाश धुर्वे को अचानक घबराहट और उल्टी की शिकायत होने लगी। जैसे ही इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को मिली, परिक्षेत्र नावरा के रेंजर पुष्पेंद्र जादौन वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल नेपानगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान सुबह करीब 5 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के नावरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाकड़ी वन चौकी में तैनात विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक हवलदार की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय हवलदार कैलाश धुर्वे के रूप में हुई है, जिनकी चार दिन पहले ही छिंदवाड़ा से यहां पदस्थापना हुई थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात लगभग 3 बजे हवलदार कैलाश धुर्वे को अचानक घबराहट और उल्टी की शिकायत होने लगी। जैसे ही इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को मिली, परिक्षेत्र नावरा के रेंजर पुष्पेंद्र जादौन वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल नेपानगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान सुबह करीब 5 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पढ़ें: मध्य प्रदेश में 15 साल की नाबालिग का कीचड़ में प्रसव...दर्द, लापरवाही और मानवता की अनकही कहानी
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचना दी गई। मंगलवार को परिजन छिंदवाड़ा से नेपानगर पहुंचे और उनकी उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए छिंदवाड़ा रवाना किया गया।
रेंजर पुष्पेंद्र जादौन ने बताया कि हवलदार धुर्वे को हाल ही में बाकड़ी वन चौकी में तैनात किया गया था। उनकी पोस्टिंग के बदले वहां तैनात एक अन्य जवान का तबादला छिंदवाड़ा हुआ था। प्राथमिक जांच और डॉक्टरों के अनुसार, हवलदार धुर्वे की मौत हृदयाघात (अटैक) से हुई बताई जा रही है। वन विभाग और एसएएफ के अधिकारी घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
