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Burhanpur News: जिस शिक्षक को नहीं आती उर्दू उसे सौंप दिया छात्राओं को पढ़ाने का जिम्मा, कलेक्टर को दिया ज्ञापन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: बुरहानपुर ब्यूरो Updated Fri, 13 Dec 2024 11:00 AM IST
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सार

कुछ ही दिनों में स्कूलों में परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में, यदि उर्दू की छात्राओं को गैर-उर्दू भाषी शिक्षक से पढ़वाया जाता है तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। शिक्षक को खुद उर्दू भाषा का ज्ञान नहीं है, तो वे छात्राओं को कैसे पढ़ा सकेंगे?

The teacher who does not know Urdu was given the responsibility of teaching Urdu to the girl students
उर्दू शिक्षक की बहाली को लेकर ज्ञापन देने आए NSUI के कार्यकर्ता
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विस्तार

एमपी अजब है, सबसे गजब है। मध्यप्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने का यह स्लोगन आजकल प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सटीक बैठता है। कारण यह है कि यहां के एक स्कूल में ऐसे शिक्षक को पदस्थ कर दिया गया है, जिन्हें खुद स्कूल में पढ़ाई जा रही भाषा का ज्ञान नहीं है। ऐसे में वे छात्रों को कैसे पढ़ा सकेंगे? ऐसे में स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है। 

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दरअसल, बुरहानपुर नगर के सावित्रीबाई फुले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एक उर्दू मीडियम का स्कूल है। जहां, एक गैर-उर्दू भाषी शिक्षक को पदस्थ कर दिया गया है। इसके चलते उर्दू की छात्राओं को पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समस्या के समाधान के लिए गैर-उर्दू भाषी शिक्षक के स्थान पर किसी उर्दू भाषी शिक्षक को नियुक्त करने की मांग को लेकर एनएसयूआई छात्र संगठन ने जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है।
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ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन को बताया गया है कि सावित्रीबाई फुले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गैर-उर्दू भाषी शिक्षक की नियुक्ति से उर्दू माध्यम की छात्राओं को पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। छात्राओं का कहना है कि नियुक्त शिक्षक को उर्दू भाषा का ज्ञान ही नहीं है। ऐसे में वे उन्हें उर्दू की शिक्षा कैसे देंगे? छात्राओं ने यह समस्या स्कूल प्राचार्य के समक्ष भी रखी थी, लेकिन, अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि कुछ ही दिनों में स्कूलों में परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में, यदि उर्दू की छात्राओं को गैर-उर्दू भाषी शिक्षक से पढ़वाया जाता है तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। शिक्षक को खुद उर्दू भाषा का ज्ञान नहीं है, तो वे छात्राओं को कैसे पढ़ा सकेंगे? इस स्थिति में छात्राओं का भविष्य खराब होना तय है।

छात्र संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन देने आए एनएसयूआई छात्र संगठन के सदस्यों ने बताया कि इस मामले में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, बुरहानपुर को भी शिकायत दी थी। लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसलिए, आज उन्होंने यह ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा है। संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और स्कूल में गैर-उर्दू भाषी शिक्षक के स्थान पर किसी उर्दू भाषी शिक्षक की नियुक्ति की जाए, ताकि छात्राओं का भविष्य खराब न हो। संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बुरहानपुर जिले में एक बड़ा आंदोलन करेंगे।

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