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आ गया अदालत का फरमान: छतरपुर में दिनदहाड़े हत्या के 12 दोषियों को उम्रकैद, दो साल बाद आया फैसला

Tue, 07 Jul 2026 08:23 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Tue, 07 Jul 2026 08:23 PM IST
सार

छतरपुर के नौगांव में दो साल पहले पुरानी रंजिश में हुई वृद्ध शंकर यादव की हत्या के मामले में अदालत ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया। प्रत्यक्षदर्शी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सभी को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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12 convicted of elderly man's broad-daylight murder sentenced to life imprisonment.
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नौगांव स्थित द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने दो वर्ष पहले दिनदहाड़े हुई वृद्ध की हत्या के बहुचर्चित मामले में 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 13 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 12 बजे शैलेंद्र यादव अपने पिता शंकर यादव के साथ धीरजपुर स्थित झिन्ना वाले खेत में मूंगफली की फसल में दवा का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते करण यादव, देशराज, बुद्धि सिंह, जाहर सिंह, रोहित, महंत, कल्लू, रामलाल, राजू, हल्काई, विशेष और बृजकिशोर यादव वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों, कुल्हाड़ियों तथा लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल शंकर यादव को नौगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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मामले में थाना नौगांव पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, डंडे और मृतक के कपड़े जब्त किए गए। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी सहित अन्य हथियार भी बरामद किए गए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रवींद्र सिंह सेंगर ने पैरवी की। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर न्यायालय ने सभी 12 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।

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