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Chhindwara News: थायराइड ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिला की हालत, निजी अस्पताल पर श्वास नली काटने का लगा आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 07:17 PM IST
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सार
छिंदवाड़ा में थायराइड ऑपरेशन के दौरान महिला की श्वास नली क्षतिग्रस्त होने से हालत गंभीर हुई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और देर से रेफर करने का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने आरोप नकारे। मरीज भोपाल में इलाजरत है। मामले की जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
छिंदवाड़ा में थायराइड ऑपरेशन के दौरान महिला की श्वास नली क्षतिग्रस्त होने से हालत गंभीर हुई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और देर से रेफर करने का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने आरोप नकारे। मरीज भोपाल में इलाजरत है। मामले की जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
अस्पताल में भर्ती महिला
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विस्तार
छिंदवाड़ा जिले के परासिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में थायराइड ऑपरेशन के दौरान एक महिला मरीज की श्वास नली कटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मरीज की हालत नाजुक बनी हुई है। इससे परिजनों में आक्रोश है। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज कमल बघेल को थायराइड की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सर्जरी की सलाह दी गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सर्जन डॉ. मनन गोगिया ने गंभीर लापरवाही बरती, जिसके कारण महिला की श्वास नली प्रभावित हो गई और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
भोपाल रेफर किया
परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद ही महिला की हालत असामान्य रूप से खराब होने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में उसे गंभीर अवस्था में हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। भोपाल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में श्वास नली क्षतिग्रस्त होने की बात कही। वर्तमान में महिला को कृत्रिम श्वास नली (ट्रेकियोस्टॉमी) के सहारे सांस दी जा रही है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ये भी पढ़ें- भांडेर में सीएम: हेलिकॉप्टर से उतरे, ट्रैक्टर पर बैठे फिर किसानों से संवाद, 62 करोड़ के कार्यों की दी सौगात
देरी से रेफर करने और अधिक बिल का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया है कि समय रहते मरीज को रेफर नहीं किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उनका कहना है कि इलाज के नाम पर अधिक राशि वसूली गई और गंभीर स्थिति के बावजूद उचित पारदर्शिता नहीं बरती गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ऑपरेशन जटिल था, पूरी सावधानी बरती : अस्पताल
वहीं, अस्पताल प्रबंधन और सर्जन डॉ. मनन गोगिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि मरीज का थायराइड ऑपरेशन जटिल श्रेणी में आता था, जिसे आधुनिक उपकरणों और मानकों के अनुसार पूरी सावधानी से किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन से पहले परिजनों को पूरी जानकारी दी गई थी और लिखित सहमति भी ली गई थी। उनका यह भी कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को आराम और निगरानी की आवश्यकता थी, लेकिन परिजन जल्दबाजी में उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जिससे उपचार प्रभावित हुआ हो सकता है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के दौरान वास्तव में लापरवाही हुई या यह जटिल चिकित्सा प्रक्रिया का परिणाम है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज कमल बघेल को थायराइड की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सर्जरी की सलाह दी गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सर्जन डॉ. मनन गोगिया ने गंभीर लापरवाही बरती, जिसके कारण महिला की श्वास नली प्रभावित हो गई और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
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भोपाल रेफर किया
परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद ही महिला की हालत असामान्य रूप से खराब होने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में उसे गंभीर अवस्था में हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। भोपाल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में श्वास नली क्षतिग्रस्त होने की बात कही। वर्तमान में महिला को कृत्रिम श्वास नली (ट्रेकियोस्टॉमी) के सहारे सांस दी जा रही है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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देरी से रेफर करने और अधिक बिल का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया है कि समय रहते मरीज को रेफर नहीं किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उनका कहना है कि इलाज के नाम पर अधिक राशि वसूली गई और गंभीर स्थिति के बावजूद उचित पारदर्शिता नहीं बरती गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ऑपरेशन जटिल था, पूरी सावधानी बरती : अस्पताल
वहीं, अस्पताल प्रबंधन और सर्जन डॉ. मनन गोगिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि मरीज का थायराइड ऑपरेशन जटिल श्रेणी में आता था, जिसे आधुनिक उपकरणों और मानकों के अनुसार पूरी सावधानी से किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन से पहले परिजनों को पूरी जानकारी दी गई थी और लिखित सहमति भी ली गई थी। उनका यह भी कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को आराम और निगरानी की आवश्यकता थी, लेकिन परिजन जल्दबाजी में उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जिससे उपचार प्रभावित हुआ हो सकता है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के दौरान वास्तव में लापरवाही हुई या यह जटिल चिकित्सा प्रक्रिया का परिणाम है।

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