नोटिस का दबाव या साजिश?: प्रभारी प्रबंधक की मौत पर परिजनों ने लगाए हत्या के आरोप, धार में सनसनी; जानें सबकुछ
तिरला में सहकारिता विभाग के प्रभारी प्रबंधक अशोक पाटीदार की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। पत्नी ने अधिकारियों पर रिटायरमेंट रोकने और 12.63 लाख के नोटिस से मानसिक दबाव बनाकर मौत का कारण बनने का आरोप लगाया है।
विस्तार
धार जिले के तिरला क्षेत्र में सहकारिता विभाग से जुड़े प्रभारी प्रबंधक अशोक पाटीदार की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक की पत्नी जानीबाई पाटीदार ने विभाग के तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए तिरला थाने में आवेदन दिया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि अशोक पाटीदार को 65 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद सेवानिवृत्त नहीं किया गया। इसके बाद उन पर 12.63 लाख रुपये जमा करने का नोटिस देकर मानसिक दबाव बनाया गया, जिससे वे सदमे में आ गए और 15 मार्च की रात उनकी मौत हो गई।
यह है पूरा मामला
अशोक पाटीदार तिरला स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या में प्रभारी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। पत्नी का आरोप है कि सोसायटी प्रशासक, जिला सहकारी बैंक प्रबंधक और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें उम्र सीमा के बाद भी नौकरी में बनाए रखा गया। शासन के नियमों के अनुसार 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति अनिवार्य है, जबकि वे 65 वर्ष तक पद पर बने रहे।
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नोटिस के बाद बढ़ा तनाव
मृतक की पत्नी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को जिला सहकारी बैंक धार द्वारा 12,63,526 रुपये तीन दिन के भीतर जमा करने का नोटिस दिया गया। नोटिस में अनियमितता और राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए पुलिस कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। परिजनों का कहना है कि इस नोटिस के बाद अशोक पाटीदार गहरे मानसिक तनाव में आ गए थे। जानीबाई पाटीदार ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने जानबूझकर उन्हें रिटायर नहीं किया और उनसे अनैतिक कार्य करवाकर आर्थिक शोषण किया गया।
उन्होंने कहा कि उनके पति का पूरा सेवा काल बेदाग रहा, लेकिन इसी का फायदा उठाकर उन्हें प्रताड़ित किया गया। पत्नी ने तिरला थाने में आवेदन देकर सोसायटी प्रशासक, जिला उपायुक्त सहकारिता और जिला सहकारी बैंक प्रबंधक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
अधिकारियों का पक्ष
जिला उप पंजीयक सहकारी संस्था धार, वर्षा श्रीवास ने कहा कि विभाग की ओर से किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि मामला जांच का विषय है और संबंधित राशि वसूली के रूप में बकाया थी। परिजनों ने नोटिस की प्रति और थाना आवेदन भी पुलिस को सौंप दिया है।

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