भोजशाला में चुनरी विवाद: मुस्लिम समाज ने उठाए सुरक्षा पर सवाल, जुमे की नमाज बाद प्रशासन से मिले; ये बातें की
धार की भोजशाला में जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज ने चुनरी जुलूस को न रोकने पर सुरक्षा लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने FIR, गार्ड बदलने और केंद्रीय बल तैनाती की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही।
विस्तार
केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार की भोजशाला में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने जुम्मे की नमाज अदा की। नमाज के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएसपी सुजवाल जग्गा से मुलाकात कर दो दिन पहले सौंपे गए आवेदन पर कार्रवाई की जानकारी मांगी। समाजजनों ने आरोप लगाया कि भोजशाला परिसर में निकाले गए चुनरी जुलूस को नहीं रोका गया, जो सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही है। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्या है मामला?
दरअसल, चैत्र नवरात्रि के दौरान मंगलवार को हिंदू समाज द्वारा मां वाग्देवी को चुनरी चढ़ाई गई थी। इस मौके पर भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र जलौदिया, भाजपा अध्यक्ष नीलेश भारती सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। इस आयोजन की जानकारी सामने आने के बाद केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी प्रशांत पाटेनकर ने कलेक्टर और एसपी को आवेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई थी। अब मुस्लिम समाज ने भी उसी आवेदन पर हुई कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए चर्चा की।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 24 मार्च 2026 को भोजशाला परिसर में बिना अनुमति वर्जित सामग्री (चुनरी) ले जाकर धार्मिक आयोजन किया गया, जो पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन है। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि अब तक कार्रवाई स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और किसी को भी उल्लंघन की छूट नहीं मिलनी चाहिए।
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समाज ने बताया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन में हाई कोर्ट में विचाराधीन है। 7 अप्रैल 2003 के आदेश के अनुसार वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखना अनिवार्य है, लेकिन इसे प्रभावित करने का प्रयास किया गया। मुस्लिम समाज ने मांग की है कि कथित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, ड्यूटी पर तैनात गार्ड बदले जाएं और परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किया जाए। साथ ही पीछे के रास्ते से मूर्तियां लाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई गई है।

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