सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dhar Bhojshala: High Court Judge Arrives at Bhojshala Conducts 52-Minute Confidential Inspection

Dhar Bhojshala: भोजशाला पहुंचे हाईकोर्ट के जज, 52 मिनट का गोपनीय निरीक्षण; अब दो अप्रैल से शुरू होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Sat, 28 Mar 2026 06:06 PM IST
विज्ञापन
सार

धार की भोजशाला का इंदौर हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी ने निरीक्षण किया। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट और संरचनात्मक साक्ष्यों की समीक्षा की गई। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल से होगी।

Dhar Bhojshala: High Court Judge Arrives at Bhojshala Conducts 52-Minute Confidential Inspection
धार भोजशाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार स्थित भोजशाला का निरीक्षण करने और इसके इतिहास की जानकारी लेने के लिए इंदौर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शनिवार दोपहर धार पहुंचे। न्यायाधीशों के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था।

Trending Videos


न्यायमूर्ति और अधिकारियों का काफिला सीधे भोजशाला के मुख्य मार्ग तक पहुंचा। इसके बाद चौकी के पास बेरिकेड्स लगाकर आम आवाजाही रोक दी गई। न्यायमूर्ति शुक्ला का निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय रखा गया। वे करीब 52 मिनट तक भोजशाला परिसर में रहे। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने संरचना के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। निरीक्षण के समय कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और एसपी मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, भोजशाला को लेकर वर्ष 2022 में ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ द्वारा इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 98 दिनों का सर्वे कर 2189 पृष्ठों की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इसके बाद अदालत ने सभी पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।

पढे़ं: ‘यह दुर्घटना नहीं, लापरवाही है’: पटवारी ने बस हादसे पर बोली ये बात, सीएम यादव को घेरा; एक करोड़ मुआवजे की मांग

हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की इच्छा जताई थी। इसी के तहत वे शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे धार पहुंचे। ऐसे में यह दिन भोजशाला प्रकरण के लिए अहम माना जा रहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल से शुरू होगी।

निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति शुक्ला ने परिसर के भीतर स्तंभों की नक्काशी, प्राचीन खंभों पर उकेरी गई आकृतियों और ऐतिहासिक शिलालेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दीवारों पर अंकित लिपियों को भी ध्यानपूर्वक देखा। साथ ही एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के निशानों और चिन्हित स्थलों की जानकारी ली।

सर्वे रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक तथ्य सामने आए हैं, जिन पर 2 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई में विशेष ध्यान दिया जाएगा। न्यायमूर्ति के दौरे को देखते हुए भोजशाला के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने न्यायमूर्ति को परिसर की व्यवस्थाओं और संरक्षण कार्यों की तकनीकी जानकारी भी दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed