सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh News: Computer operator's role suspicious in Naib Tehsildar's fake letter case

Damoh News: राशन कार्ड घोटाला, नायब तहसीलदार के फर्जी पत्र मामले में कम्प्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध, फरार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 27 Sep 2025 11:03 AM IST
विज्ञापन
सार

निजी कंप्यूटर ऑपरेटर फरार है और जांच में सामने आया कि कोटवार से पटवारी तक अपात्र लोगों के लिए राशन कार्ड बनवाने में पैसे वसूली की जा रही थी। आवेदक और कोटवार की ऑडियो रिकॉर्डिंग से इसकी पुष्टि हुई।

Damoh News: Computer operator's role suspicious in Naib Tehsildar's fake letter case
नायब तहसीलदार कार्यालय से जारी पत्र। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा जनपद कार्यालय में नायब तहसीलदार के फर्जी सील और साइन कर बीपीएल राशन कार्ड बनाने के फर्जी आदेश जारी मामले में नया खुलसा हुआ है। मामला उजागर होने के बाद से कार्यालय में पदस्थ निजी कंप्यूटर ऑपरेटर फरार हो गया है। वहीं, दूसरा खुलासा यह भी हुआ है अपात्रों के गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनाने में कोटवार से लेकर पटवारी तक जमकर पैसों की वसूली कर रहे हैं। इसका साक्ष्य भी मिला है, जिसमें आवेदक और कोटवार की ओडियो रिकार्डिंग सामने आई है।
Trending Videos


एक व्यक्ति ने इसकी पुस्टि भी की है। उसने बताया कि उसने राशन कार्ड बनवाने के लिए कोटवार को पांच हजार रुपये दिए थे, लेकिन अभी तक उसका राशन कार्ड नहीं बना है। वहीं कोटवार ने बताया उसने दस्ताबेज पटवारी को दे दिये थे, अभी राशन कार्ड नहीं बना है। यह मामला तेजगढ़ उपतहसील अंतर्गत ग्राम बासापूरा का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपरेटर की भूमिका संदिग्ध
नायब तहसीलदार के सील, साइन का जो फर्जी पत्र जनपद कार्यालय पहुंचा है उसे तहसील का चौकीदार ही आवक जावक में जमा करके आया था। जिसकी पुष्टि जनपद के वह कर्मचारी कर रहे हैं जिन्होंने वह डाक दर्ज की थी। पूरे मामले में नायब तहसीलदार कार्यालय के निजी कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि जैसे ही मामला सामने आया ऑपरेटर मौके से फरार हो गया उसके बाद से लापता चल रहा है। माना जा रहा है नायब तहसीलदार की शील और हस्ताक्षर वाले पत्र की जांच हो जाये तो कई मामले और सामने आ जाएंगे।

यह भी पढ़ें- जनपद कार्यालय में चोरी या साजिश? सांसद, विधायक निधि और गरीबी रेखा से जुड़ी फाइलें गायब, मचा हड़कंप

कोटवार को दिए पांच हजार
जिन छह लोगों के राशन कार्ड बनाने के लिए दो फर्जी पत्र तहसील से जनपद पहुंचे हैं, उसमें अन्य हितग्राहियों के साथ सुनील पिता रम्मू रैकवार बासापूरा का राशन कार्ड भी शामिल है। उनसे जब राशन कार्ड बनाने को लेकर चर्चा की तो उनका कहना है कि उन्होंने राशन कार्ड बनाने के लिए अपने दस्तावेज और पांच हजार रुपये ग्राम के कुटबार सीताराम को दिये थे। अभी तक राशन कार्ड मिला नहीं है। वहीं, आवेदक सुनील द्वारा दी गई जानकारी के बाद कुटवार सीताराम ने बताया सुनील रैकवार के दस्तावेज मैने पटवारी दीपक उपाध्याय को दे दिए थे पैसा नहीं लिया है।

चोरी हुए दस्तावेज
बता दें जनपद कार्यालय से विधायक, सांसद निधि के साथ ही बीपीएल राशनकार्ड के आदेश की कुछ फाइल चोरी हो गई हैं। इस घटना के बाद यह फर्जी पत्र का मामला उजागर हुआ था।
तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व का कहना है पत्र में जो नायब तहसीलदार की सील और साइन हैं उसकी जांच शुरू की गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed