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Datia: पीतांबरा पीठ पर गुप्त नवरात्र में गुरुमंत्र लेंगे देशभर के श्रद्धालु, कन्याओं से निकलवाई गईं पर्चियां
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:43 PM IST
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सार
देश के कोने-कोने से 2000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गुरुदीक्षा के लिए आवेदन किया था। जिसमें लॉटरी के माध्यम से 112 श्रद्धालुओं का चयन किया गया है।
पीतांबरा माता मंदिर, मध्य प्रदेश
- फोटो : instagram
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विस्तार
गुप्त नवरात्र में मप्र के दतिया स्थित सिद्ध पीतांबरा पीठ पर विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु गुरुमंत्र लेंगे। पूज्यपाद स्वामी जी के आसन के पास मंत्र दिए जाएंगे। हाल में लॉटरी के माध्यम से 112 श्रद्धालुओं का चयन किया गया है, इनमें सबसे ज्यादा उप्र के फिर राजस्थान के व तीसरे नंबर पर मप्र के श्रद्धालु हैं।
कुछ महीनों से पीतांबरा पीठ पर देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु गुरुदीक्षा के लिए आवेदन कर रहे थे। 2000 से ज्यादा लोगों के आवेदन प्राप्त हुए थे। संख्या ज्यादा होने के कारण लॉटरी की प्रक्रिया अपनानी पड़ी। तीन कन्याओं को बुलाया गया, उनसे पर्चियां निकलवाई गईं। इन पर्चियों के माध्यम से 112 श्रद्धालुओं के नाम निकले। उन्हें दीक्षा के लिए चुना गया। इन सभी को 15, 16 और 17 जनवरी को प्रशिक्षण दिया गया।
गुप्त नवरात्र 19 जनवरी से सभी को बारी-बारी से बगलामुखी देवी के मंदिर प्रांगण में पूज्यपाद स्वामी जी महाराज के आसन के पास अष्टमी तक गुरुमंत्र देने की प्रक्रिया चलेगी। अष्टमी 26 जनवरी को है।पीठ के आचार्य पं. विष्णुकांत मुड़िया गुरुमंत्र के लिए एक पुस्तिका देंगे। श्रद्धालु उसका जप करेंगे।
सबसे ज्यादा श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के
जिन दो हजार लोगों ने गुरु दीक्षा के लिए आवेदन किया है, उनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के हैं। अब लखनऊ, कानपुर, झांसी समेत यूपी के अन्य शहरों के 42 श्रद्धालुओं का चयन लॉटरी द्वारा हुआ है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रहा, जहां के 30 श्रद्धालुओं का चयन हुआ। वहीं मध्य प्रदेश के 29 श्रद्धालुओं को दीक्षा के लिए चुना गया। दिल्ली के 8 और हरियाणा, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के एक-एक श्रद्धालु का दीक्षा के लिए चयन हुआ है।
दीक्षा वाले ही बैठ सकते हैं मंदिर में
पीतांबरा पीठ ट्रस्ट का नियम है कि जिन श्रद्धालुओं को दीक्षा मिल जाती है, उन्हें ही पीतांबरा पीठ परिसर में बैठकर जप करने के लिए पात्र माना जाता है। वे लाल-पीले धोती कुर्ता पहनकर साधना कर सकते हैं। उन्हें पूजन की सामग्री भी दी जाती है।
नवरात्र में दीक्षा का है विशेष महत्व
पीतांबरा पीठ के पुजारी डॉ. चंद्रमोहन दीक्षित चंदागुरु के मुताबिक नवरात्र में परवा से लेकर अष्टमी तक देवी मां की आराधना का खास महत्व है। इन दिनों में किए गए जप का फल कई गुना अधिक मिलता है। जब से पीठ की स्थापना हुई है तभी से इन्हीं दिनों में दीक्षा पर्व होता है।
लॉटरी के माध्यम से गुरुदीक्षा वाले श्रद्धालुओं का चयन किया गया है। गुप्त नवरात्र में उन्हें गुरुमंत्र पीठ के आचार्य द्वारा दिए जाएंगे। डॉ. डीएस चंदेल, ट्रस्टी, श्री पीतांबरा पीठ
पिछले दिनों तीन कन्याओं ने पर्चियां निकाली थीं, इनमें 112 श्रद्धालुओं का चयन गुरुदीक्षा के लिए हुआ है। उन्हें नवरात्र से गुरुमंत्र दिया जाएगा। यह कल 19 जनवरी से शुरू होगा। पं. महेश दुबे, व्यवस्थापक, पीतांबरा पीठ
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कुछ महीनों से पीतांबरा पीठ पर देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु गुरुदीक्षा के लिए आवेदन कर रहे थे। 2000 से ज्यादा लोगों के आवेदन प्राप्त हुए थे। संख्या ज्यादा होने के कारण लॉटरी की प्रक्रिया अपनानी पड़ी। तीन कन्याओं को बुलाया गया, उनसे पर्चियां निकलवाई गईं। इन पर्चियों के माध्यम से 112 श्रद्धालुओं के नाम निकले। उन्हें दीक्षा के लिए चुना गया। इन सभी को 15, 16 और 17 जनवरी को प्रशिक्षण दिया गया।
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गुप्त नवरात्र 19 जनवरी से सभी को बारी-बारी से बगलामुखी देवी के मंदिर प्रांगण में पूज्यपाद स्वामी जी महाराज के आसन के पास अष्टमी तक गुरुमंत्र देने की प्रक्रिया चलेगी। अष्टमी 26 जनवरी को है।पीठ के आचार्य पं. विष्णुकांत मुड़िया गुरुमंत्र के लिए एक पुस्तिका देंगे। श्रद्धालु उसका जप करेंगे।
सबसे ज्यादा श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के
जिन दो हजार लोगों ने गुरु दीक्षा के लिए आवेदन किया है, उनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के हैं। अब लखनऊ, कानपुर, झांसी समेत यूपी के अन्य शहरों के 42 श्रद्धालुओं का चयन लॉटरी द्वारा हुआ है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रहा, जहां के 30 श्रद्धालुओं का चयन हुआ। वहीं मध्य प्रदेश के 29 श्रद्धालुओं को दीक्षा के लिए चुना गया। दिल्ली के 8 और हरियाणा, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के एक-एक श्रद्धालु का दीक्षा के लिए चयन हुआ है।
दीक्षा वाले ही बैठ सकते हैं मंदिर में
पीतांबरा पीठ ट्रस्ट का नियम है कि जिन श्रद्धालुओं को दीक्षा मिल जाती है, उन्हें ही पीतांबरा पीठ परिसर में बैठकर जप करने के लिए पात्र माना जाता है। वे लाल-पीले धोती कुर्ता पहनकर साधना कर सकते हैं। उन्हें पूजन की सामग्री भी दी जाती है।
नवरात्र में दीक्षा का है विशेष महत्व
पीतांबरा पीठ के पुजारी डॉ. चंद्रमोहन दीक्षित चंदागुरु के मुताबिक नवरात्र में परवा से लेकर अष्टमी तक देवी मां की आराधना का खास महत्व है। इन दिनों में किए गए जप का फल कई गुना अधिक मिलता है। जब से पीठ की स्थापना हुई है तभी से इन्हीं दिनों में दीक्षा पर्व होता है।
लॉटरी के माध्यम से गुरुदीक्षा वाले श्रद्धालुओं का चयन किया गया है। गुप्त नवरात्र में उन्हें गुरुमंत्र पीठ के आचार्य द्वारा दिए जाएंगे। डॉ. डीएस चंदेल, ट्रस्टी, श्री पीतांबरा पीठ
पिछले दिनों तीन कन्याओं ने पर्चियां निकाली थीं, इनमें 112 श्रद्धालुओं का चयन गुरुदीक्षा के लिए हुआ है। उन्हें नवरात्र से गुरुमंत्र दिया जाएगा। यह कल 19 जनवरी से शुरू होगा। पं. महेश दुबे, व्यवस्थापक, पीतांबरा पीठ

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