दतिया उपचुनाव बवाल: 27 नेताओं पर एफआईआर, हाईवे जाम और पथराव मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट विवाद के बाद हुए बवाल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में 27 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की भी पहचान कर रही है।
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विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव की सरगर्मी के बीच शुक्रवार को शहर में जो हुआ, उसने सियासत के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को भी हिला दिया। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजा आक्रोश हिंसा में बदल गया। अब प्रशासन ने पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 27 नेताओं के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर दी है।
एंबुलेंस, यात्री बसें और आवश्यक सेवाओं के वाहन घंटों तक फंसे रहे
शुक्रवार शाम दतिया-झांसी हाईवे पर अचानक तनाव बढ़ गया। टिकट परिवर्तन से नाराज सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। राह चलते ट्रकों के शीशे तोड़े गए, एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किया गया और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई।
पथराव के चलते हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। एंबुलेंस, यात्री बसें और आवश्यक सेवाओं के वाहन घंटों तक फंसे रहे। करीब 12 घंटे तक मार्ग बंद रहने से दतिया का संपर्क अन्य जिलों से लगभग कट गया था।
एफआईआर में ये सब दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने देर रात कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि यह केवल विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन भी था। एफआईआर में पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शांति भंग करने, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने सहित विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
एफआईआर में नामजद आरोपी हैं
अक्कू दुबे, राजू गुगौरिया, अनूप यादव, विपिन पाठक, लला रजक, प्रशांत दांगी, अतुल भूरे, प्रदीप यादव, भानु ठाकुर, बृजेश दुबे, मान सिंह कुशवाहा, विजय झंडा, आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर, शंकर गुर्जर, अमित परिहार, करण जाटव, सुनील दुबे, अंशुल यादव, कृष्णा दुबे, प्रदीप गुर्जर, अजय रजक, भैया दुबे, वीरपाल गुर्जर, नियुक्त नागर, कमलेश चौबे और जितेंद्र कमरिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
एसपी कार्यालय के अनुसार पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बवाल के बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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17 कंपनियां पहले से ही दतिया में तैनात की जा चुकी
इसी के तहत मुरैना से दो कंपनियां पुलिस बल की और केंद्रीय सुरक्षा बल की 17 कंपनियां पहले से ही दतिया में तैनात की जा चुकी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और गश्त बढ़ा दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों तथा भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस एफआईआर का असर सीधे चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। एक ओर भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की सख्ती से माहौल शांत करने की कोशिश की जा रही है।
उपचुनाव में अब भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनाव आयोग और प्रशासन, दोनों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
