Dewas News: देवास के आसपास के क्षेत्रों का औद्योगिक-आर्थिक विकास होगा, मेट्रोपॉलिटन रीजन पर बोलीं देवास विधायक
मेट्रोपॉलिटन रीजन योजना के तहत इंदौर, देवास, उज्जैन, धार और शाजापुर को जोड़कर विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। देवास जिले का 29.72% क्षेत्र इस योजना में शामिल होगा, जिससे औद्योगिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। देवास में जल्द ही इस पर विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना मेट्रोपॉलिटन रीजन (IMR) के तहत देवास, उज्जैन और इंदौर को मिलाकर एक विकासशील क्षेत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत इंदौर, देवास, धार, उज्जैन और शाजापुर जिले शामिल होंगे। योजना के अंतर्गत देवास जिले का 29.72 प्रतिशत, यानी 2086 वर्ग किमी क्षेत्र इस मेट्रोपॉलिटन रीजन में आएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा।
इंदौर में इस योजना को लेकर शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें देवास विधायक गायत्री राजे पवार, हाटपिपल्या विधायक मनोज चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में जनप्रतिनिधियों को योजना का प्रजेंटेशन दिया गया, और उन्हें सुझाव देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया। जल्द ही देवास में इस पर एक बड़ी बैठक होगी, जिसमें अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर योजना की रूपरेखा तय करेंगे।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के विकास से क्षेत्र में समन्वित विकास होगा, जिससे कुशल परिवहन प्रणाली, औद्योगिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, देवास शहर और आसपास के गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। देवास के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बागली, हाटपिपल्या, सोनकच्छ और टॉकखुर्द का एक बड़ा हिस्सा मेट्रोपॉलिटन में शामिल होगा, जिससे पूरे देवास जिले के विकास को गति मिलेगी।
विधायक गायत्री राजे पवार ने बताया कि इस योजना से क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट आएंगे, और इसका फायदा स्थानीय निवासियों को होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस योजना के तहत क्षेत्र के विकास पर चर्चा की जाएगी।

मेट्रोपॉलिटन रीजन की बैठक को लेकर विधायक ने दी जानकारी

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