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हॉरर हाउस का खुला राज: मां के कथित प्रेम संबंधों से नाराज बेटे ने रची ट्रिपल मर्डर की साजिश, गला दबाकर हत्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: गुना ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:34 PM IST
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सार
दो दिन में तीन शव, बंद कमरों पर बाहर से ताले और कई अनसुलझे सवाल... गुना के म्याना ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। मां के कथित अवैध संबंधों से नाराज बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन लोगों की गला दबाकर हत्या की थी।
गुना में तिहरे हत्याकांड के दो आरोपी हिरासत में
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के म्याना कस्बे में एक घर से दो दिन में तीन शव मिलने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बताया जा रहा है कि मां के अवैध संबंधों के चलते बेटे ने तीन लोगों की हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात में मौसेरे भाई व एक अन्य की मदद ली और हत्या से पहले घर में शराब पार्टी की। घर में तीन शव मिलने और ताला बाहर से लगा होने के कारण पुलिस भी चकरघिन्नी हो गई थी। पुलिस ने आरोपी बेटे और उसके एक मददगार को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य की तलाश जारी है।
गुना एसपी हितिका वासल ने सोमवार शाम पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस तिहरे हत्याकांड में मृतक गिंदाबाई का बेटा सीताराम मुख्य आरोपी है। पुलिस जांच में सामने आया कि सीताराम को अपनी मां के ओमप्रकाश शर्मा के साथ कथित अवैध संबंधों पर आपत्ति थी। उसका जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची। 18 जून को गिंदाबाई, ओमप्रकाश शर्मा और रामकिशन जाटव एक साथ मौजूद थे। इसी दौरान शराब पार्टी चल रही थी। मौका मिलते ही सीताराम ने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र और एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शवों को कमरे में छोड़कर फरार हो गए।
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शव कई दिनों तक कमरे बंद रहे, जिससे उनके सड़ने और बदबू फैलने पर मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी सीताराम और उसके सहयोगी सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
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हॉरर हाउस बन गया था घर
म्याना कस्बे में हनुमान मंदिर के पास बंद पड़े घर में दो दिन में तीन शव मिलने से यह मकान ‘हॉरर हाउस’ बन गया था। वहीं सोमवार को शिनाख्त की ऐसी चूक सामने आई कि पुलिस से लेकर दोनों परिवारों के होश उड़ गए। रविवार को जिसे 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा समझकर उनके बेटे ने मुखाग्नि दी, वह शव असल में म्याना के ही रामकिशन का निकला। असली ओमप्रकाश की लाश सोमवार को बगल वाले कमरे से बरामद हुई, जिसके गले में चांदी की चेन और बदन पर पहनी बनियान ने बेटे को पिता की पहचान करा दी।
रविवार सुबह पहले कमरे से मिले बुजुर्ग के शव को ओमप्रकाश मानकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद बेटे कपिल शर्मा को सौंपा था। चेहरा गल चुका था, कपड़े मिलते-जुलते थे, इसलिए शक नहीं हुआ। कपिल ने पिता समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार सुबह पुलिस-एफएसएल टीम जब कड़ियां जोड़ने पहुंची तो बगल के बंद कमरे से तेज बदबू आई। ताला तोड़ा गया तो अंदर एक महिला और एक पुरुष के क्षत-विक्षत शव मिले। महिला की पहचान बदरवास निवासी गिंदाबाई जाटव के रूप में हुई। पास पड़े पुरुष के गले में चांदी की चेन और बनियान देखते ही भोपाल से आया कपिल बिलख पड़ा- ये मेरे पिताजी हैं। कल जिसे जलाया वो कोई और था।
पीएम हाउस अखाड़ा बना
खुलासे के बाद गुना जिला अस्पताल का पोस्टमार्टम हाउस अखाड़ा बन गया। रामकिशन का बेटा सोनू जाटव दर्जनों परिजनों के साथ वहां पहुंचा और हंगामा कर दिया। उसने कहा कि पुलिस की लापरवाही से दूसरे ने मेरे पिता को जला दिया। मुझे पिता का शव चाहिए, मैं खुद अंतिम संस्कार करूंगा। सोनू चीखता रहा। उधर कपिल ने भी दो टूक कहा कि गलती से कल किसी और को मुखाग्नि दे दी। अब असली पिता मिले हैं, पूरे विधि-विधान से बेटे का फर्ज निभाऊंगा। पुलिस ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
पुलिस को प्रेम त्रिकोण का शक
पुलिस की शुरुआती जांच प्रेम-त्रिकोण और प्रॉपर्टी विवाद पर टिक गई है। सूत्रों के मुताबिक ओमप्रकाश और मृतका गिंदाबाई के बीच लंबे समय से संबंध थे। दोनों शराब के आदी बताए गए हैं। चर्चा है कि ओमप्रकाश ने हाल ही में गिंदाबाई के नाम एक प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। गिंदाबाई के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है। आशंका है कि रजिस्ट्री, पैसों के लेनदेन या ऑनर किलिंग के चलते तीनों को मारा गया। तीसरा व्यक्ति रामकिशन इस हॉरर हाउस में कैसे पहुंचा, यह सबसे बड़ा रहस्य है। तीनों कमरों पर बाहर से ताला लगा था, यानी हत्यारे वारदात के बाद ताला जड़कर निकल भागे।
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि आखिर उस रात बंद दरवाजों के पीछे हुआ क्या था और रामकिशन उस खूनी खेल का हिस्सा कैसे बन गया। डीएनए रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही हॉरर हाउस का सस्पेंस खत्म होगा।
