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MP News: तेंदुओं के शिकार मामले में 9वां आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, वन्यजीव संरक्षण संस्था में करता था काम
Thu, 13 Aug 2026 09:53 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:53 PM IST
सार
कुनो-चंबल क्षेत्र में 10 तेंदुओं के अवैध शिकार और तस्करी के मामले में एसटीएसएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के 9वें आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जांच में अब तक 10 तेंदुओं के शिकार की पुष्टि हो चुकी है और मामले को चीता लैंडस्केप से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
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गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
कुनो-चंबल क्षेत्र में तेंदुओं के अवैध शिकार और तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को एक और बड़ी सफलता मिली है। विशेष अभियान के तहत गिरोह के 9वें आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वसीम अकरम के रूप में हुई है, जो नई दिल्ली के उत्तम नगर का निवासी है और एक वन्यजीव संरक्षण संस्था में कार्यरत बताया जा रहा है। यह मामला 23 जुलाई 2026 को सामने आया था, जब उत्तर प्रदेश के आगरा में 10 तेंदुओं की खाल के साथ तस्करों को पकड़ा गया था। जांच के दौरान इस मामले के तार मध्य प्रदेश से जुड़े मिले, जिसके बाद एसटीएसएफ और स्थानीय वन विभाग की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
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जांच के दौरान पहले सात शिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिलों से तेंदुओं के अवशेष और कंकाल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि 10 में से छह तेंदुओं का शिकार कुनो वन्यजीव वनमंडल क्षेत्र में किया गया था। इसके अलावा दो तेंदुओं का शिकार श्योपुर वनमंडल और दो का शिकार मुरैना स्थित चंबल अभयारण्य क्षेत्र में किया गया था। वन विभाग ने शिकार में इस्तेमाल किए गए तीन विशेष लेग होल्ड ट्रैप भी जब्त किए हैं।
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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और केंद्र सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की संयुक्त टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 11 अगस्त को नई दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद लगातार चलाए गए अभियान में 13 अगस्त को गिरोह के एक अन्य मुख्य आरोपी वसीम अकरम को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र चीता लैंडस्केप का हिस्सा है। इसलिए मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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जांच के दौरान पहले सात शिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिलों से तेंदुओं के अवशेष और कंकाल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि 10 में से छह तेंदुओं का शिकार कुनो वन्यजीव वनमंडल क्षेत्र में किया गया था। इसके अलावा दो तेंदुओं का शिकार श्योपुर वनमंडल और दो का शिकार मुरैना स्थित चंबल अभयारण्य क्षेत्र में किया गया था। वन विभाग ने शिकार में इस्तेमाल किए गए तीन विशेष लेग होल्ड ट्रैप भी जब्त किए हैं।
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