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MP News: आंबेडकर प्रतिमा विवाद पर ग्वालियर बना छावनी, चप्पे-चप्पे पर नजर, चार हजार जवान तैनात
Wed, 15 Oct 2025 02:46 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 02:46 PM IST
सार
पुलिस ने पूरे ग्वालियर को छावनी में तब्दील कर दिया है और 50 से अधिक प्वाइंट्स पर बेरिकेडिंग कर चेकिंग की जा रही है। विवाद तब बढ़ा जब बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा ने आंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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जवानों को निर्देश देते अधिाकरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्वालियर में चल रहे आंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्तूबर यानी आज के दिन आंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी, जिसको देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है चप्पे-चप्पे और हर आने जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया।
छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद
ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था, ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि उच्च न्यायालय परिसर में प्रतिमा लगायी जाये लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया।
आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई आग
इस विवाद की आग यहां ख़त्म नहीं बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियां और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव आंबेडकरके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसने आग में घी का काम किया और आंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्तूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है।
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ये भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री बोले- 'आई लव मोहम्मद' से हमें गुरेज नहीं तो 'आई लव महादेव' से आपको भी दिक्कत न हो
दो अप्रैल के दंगों को देखते हुए पुलिस ने की तैयारी
पिछले दो दिनों से लगातार स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रदर्शन की चेतावनी दे चुके संगठन और लोगों से बातचीत में लगा हुआ था, लेकिन साथ ही 2 अप्रैल 2018 को हुए उपद्रव जैसी स्थिति ना बने पुलिस अपनी तैयारियों में जुटी थी। कुछ संगठनों ने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया लेकिन किसी भी अप्रिय घटना की आशंका में पुलिस ने बुधवार को पूरे ग्वालियर को छावनी में बदल दिया है।
बार काउंसिल अध्यक्ष के घर के रास्ते पर नाकाबंदी
ग्वालियर के 50 से अधिक प्वाइंट्स पर पुलिस बेरिकेड लगाकर आने जाने वाले लोगों की चेकिंग कर रही है तो वही पॉश इलाके सिटी सेंटर में स्थित बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के घर के आसपास 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात है, यहां 6 लेयर बेरिकैड लगाये गए हैं, आस पास की बिल्डिंग छतों से भी पुलिस निगरानी कर रही है।
4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नजर
कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात है।ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर भी हो रही पोस्ट्स पर नज़र बनाये हुए है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और एक सैकड़ा से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है।
सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में
ग्वालियर सीएसपी हिना ख़ान से बातचीत की तो उनका कहना है कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है।
शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी
बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाज़ार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।
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छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद
ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था, ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि उच्च न्यायालय परिसर में प्रतिमा लगायी जाये लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया।
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आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई आग
इस विवाद की आग यहां ख़त्म नहीं बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियां और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव आंबेडकरके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसने आग में घी का काम किया और आंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्तूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है।
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दो अप्रैल के दंगों को देखते हुए पुलिस ने की तैयारी
पिछले दो दिनों से लगातार स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रदर्शन की चेतावनी दे चुके संगठन और लोगों से बातचीत में लगा हुआ था, लेकिन साथ ही 2 अप्रैल 2018 को हुए उपद्रव जैसी स्थिति ना बने पुलिस अपनी तैयारियों में जुटी थी। कुछ संगठनों ने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया लेकिन किसी भी अप्रिय घटना की आशंका में पुलिस ने बुधवार को पूरे ग्वालियर को छावनी में बदल दिया है।
बार काउंसिल अध्यक्ष के घर के रास्ते पर नाकाबंदी
ग्वालियर के 50 से अधिक प्वाइंट्स पर पुलिस बेरिकेड लगाकर आने जाने वाले लोगों की चेकिंग कर रही है तो वही पॉश इलाके सिटी सेंटर में स्थित बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के घर के आसपास 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात है, यहां 6 लेयर बेरिकैड लगाये गए हैं, आस पास की बिल्डिंग छतों से भी पुलिस निगरानी कर रही है।
4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नजर
कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात है।ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर भी हो रही पोस्ट्स पर नज़र बनाये हुए है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और एक सैकड़ा से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है।
सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में
ग्वालियर सीएसपी हिना ख़ान से बातचीत की तो उनका कहना है कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है।
शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी
बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाज़ार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।
