फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Gwalior News: Number of victims of carbide guns rises to 36, authorities impose ban on sale and use

Gwalior News: कार्बाइड गन के पीड़ितों की संख्या बढ़ी, अब तक 36 घायल, प्रशासन ने खरीदी-बिक्री पर लगाया प्रतिबंध

Fri, 24 Oct 2025 07:35 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Fri, 24 Oct 2025 07:35 PM IST
सार

कार्बाइड गन से चोटिल होने वालों की लगातार बढ़ती संख्या के बाद प्रशासन ने इसके क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। गन से चोटिल घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। साथ ही गन बेच रहे एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

विज्ञापन
Gwalior News: Number of victims of carbide guns rises to 36, authorities impose ban on sale and use
फोटो

विस्तार

ग्वालियर में कार्बाइड गन से चोटिल होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कल तक यह संख्या 19 थी, जो आज बढ़कर 36 हो गई। यह आंकड़े शहर के जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल और बिड़ला-रजन ज्योति नेत्रालय से मिले हैं। फिलहाल इन लोगों की आंखों की रोशनी वापस लौट पाएगी या नहीं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन


डॉक्टरों के अनुसार 36 में से आठ लोगों की आंख में गंभीर चोटें आई हैं। चार लोगों की कॉर्निया जलकर सफेद हो गई है और इनका इलाज ऑपरेशन के जरिए किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि आंख की स्थिति का पूरा अनुमान कम से कम सात दिन बाद ही लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Carbide Gun : उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पहुंचे हमीदिया अस्पताल, घायलों का जाना हाल, कार्रवाई के दिए आदेश
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार की शाम को पुलिस ने कलेक्टर द्वारा धारा 163 लागू होने के बाद कार्बाइड गन के क्रय-विक्रय व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था। आदेश आने के बाद पुलिस ने छानबीन की तो इंदरगंज थाना स्थित झाडू वाला मोहल्ला एक युवक कार्बाइड गन का विक्रय करता मिला। पुलिस ने शाहिद अली को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं कार्बाइड गन के शिकार बच्चे और महिलाओं का कहना है कि इस गन ने उनकी आंखों की रोशनी छीन ली है, वे चाहते हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, जिन्होंने इसका निर्माण किया है।

बहरहाल बाजार में 100 से 200 रुपए में मिलने वाली यह गन अब खतरनाक ट्रेंड बन चुकी है। इसमें भरा कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस बनाता है। यह गैस विस्फोट के साथ जलती है और कुछ ही सेकंड में आंखों, त्वचा और चेहरे को झुलसा देती है। इतनी बड़ी संख्या में केस आने के बाद आखिर अब पुलिस और प्रशासन की नींद खुली है और उन्होंने इस गन के इस्तेमाल और क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed