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Gwalior News: GRMC मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर क्यों लटकाया गया फंदा? किस आक्रोश में हैं पैरामेडिकल छात्र
Tue, 13 Jan 2026 02:40 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:40 PM IST
सार
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2021 बैच के पैरामेडिकल छात्रों का परीक्षा परिणाम पांच साल बाद भी घोषित नहीं हुआ है। मानसिक तनाव से परेशान एक छात्र ने कॉलेज गेट पर आत्मघाती कदम का प्रयास किया। यूनिवर्सिटी की लापरवाही से करीब 150 छात्रों का भविष्य प्रभावित है।
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काॅलेज के गेट पर लटकाया गया फंदा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गजराराजा मेडिकल प्रवेश कॉलेज में 2021 में पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों की डिग्री पांच साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। इसी परेशानी से प्रदेशभर के पैरा मेडिकल छात्र परेशान हैं। एक परेशान छात्र परीक्षा परिणाम घोषित न होने से दुखी होकर जीआरएमसी के मुख्य गेट पर रस्सी का फंदा लटका दिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल रस्सी उतार दी।
जीआरएमसी के डीन डॉ.आरकेएस धाकड़ को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ऐसे ही परेशान छात्रों की पीड़ा सुनी। डीन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वह यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर जल्द रिजल्ट घोषित करवाने का प्रयास करेंगे। छात्र का कहना है कि उसके परिवार ने काफी कठिनाइयों के बीच पैरामेडिकल कोर्स की फीस जमा कराई, ताकि वह पढ़कर रोजगार प्राप्त कर सके।लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद अब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से मानसिक तनाव में है।
जीआरएमसी के पैरामेडिकल कोर्स वर्ष 2021 बैच के एक्स-रे टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन एवं माइक्रो टेक्नीशियन सहित करीब 150 छात्रों का परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है, जबकि इन छात्रों का कोर्स वर्ष 2023 में ही पूरा हो जाना था। छात्रों का आरोप है कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधिकारी न तो छात्रों से मिलने को तैयार हैं और न ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
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ये भी पढ़ें- गुदड़ी के लाल कर गए कमाल, पार्क में बैठकर पढ़े और पा ली सरकारी नौकरी
जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता के चलते पैरा मेडिकल कोर्स का सेशन दो साल लेट चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि बैच करीब 24 माह की देरी से चल रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। पैरामेडिकल कोर्स की परीक्षाएं जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा कराई जाती हैं और परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी यूनिवर्सिटी की ही है। परिणाम लंबित होने के कारण छात्र पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। बिना पंजीयन के वे किसी भी सरकारी या निजी नौकरी के लिए आवेदन करने में अक्षम हैं, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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जीआरएमसी के डीन डॉ.आरकेएस धाकड़ को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ऐसे ही परेशान छात्रों की पीड़ा सुनी। डीन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वह यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर जल्द रिजल्ट घोषित करवाने का प्रयास करेंगे। छात्र का कहना है कि उसके परिवार ने काफी कठिनाइयों के बीच पैरामेडिकल कोर्स की फीस जमा कराई, ताकि वह पढ़कर रोजगार प्राप्त कर सके।लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद अब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से मानसिक तनाव में है।
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जीआरएमसी के पैरामेडिकल कोर्स वर्ष 2021 बैच के एक्स-रे टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन एवं माइक्रो टेक्नीशियन सहित करीब 150 छात्रों का परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है, जबकि इन छात्रों का कोर्स वर्ष 2023 में ही पूरा हो जाना था। छात्रों का आरोप है कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधिकारी न तो छात्रों से मिलने को तैयार हैं और न ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
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जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता के चलते पैरा मेडिकल कोर्स का सेशन दो साल लेट चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि बैच करीब 24 माह की देरी से चल रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। पैरामेडिकल कोर्स की परीक्षाएं जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा कराई जाती हैं और परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी यूनिवर्सिटी की ही है। परिणाम लंबित होने के कारण छात्र पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। बिना पंजीयन के वे किसी भी सरकारी या निजी नौकरी के लिए आवेदन करने में अक्षम हैं, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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