हरदा में किसानों का कूच: 20 मांगों को लेकर हजारों ट्रैक्टरों के साथ घेराव, राशन-बिस्तर भी लाए; 1100 जवान तैनात
Harda Farmers Protest: हरदा में हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कृषि उपज मंडी पहुंचे और एमएसपी, मूंग खरीदी व स्लॉट बुकिंग की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने किसानों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसी कारण आंदोलन अभी भी जारी है। पढ़़ें पूरी खबर...
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मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मंगलवार को किसान संगठनों के आह्वान पर बड़े स्तर पर किसान आंदोलन देखने को मिला। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कृषि उपज मंडी पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान संगठनों का दावा है कि यह प्रदेश के हालिया वर्षों का सबसे बड़ा किसान आंदोलन हो सकता है।
20 सूत्रीय लेकर प्रदर्शन किया
किसानों ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया, जिसमें प्रमुख रूप से मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी शुरू करने, गेहूं की स्लॉट बुकिंग व्यवस्था में सुधार करने और सभी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

करीब 270 गांव के किसान शामिल हुए
आंदोलन में हरदा जिले के करीब 270 गांवों के अलावा देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। ट्रैक्टरों के लंबे काफिले के साथ पहुंचे किसानों ने जिला मुख्यालय की ओर मार्च करने की रणनीति बनाई। कई किसान अपने साथ भोजन और जरूरी सामान भी लेकर पहुंचे, जिससे संकेत मिलता है कि वे लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं।


वैकल्पिक मार्ग तय किए गए
प्रशासन ने आंदोलन को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं। शहर में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं और लोगों को असुविधा से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, गर्मी को ध्यान में रखते हुए पीने के पानी, एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।

1100 पुलिसकर्मी तैनात
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 1100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें कई जिलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया है, जो शहर के अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसे अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।

आयोजन स्थल पर किसान संगठनों ने भोजन व्यवस्था की

डिप्टी कमिश्नर दिवाकर एम. पटेल ने बताया कि किसान क्रांति आंदोलन के दौरान किसानों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य रूप से गेहूं खरीदी से जुड़ी मांग शामिल थी, जिसे 9 मई तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही मूंग खरीदी को लेकर केंद्र सरकार से लिखित प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी गई। मक्का खरीदी और अन्य मांगों पर भी लिखित आश्वासन देने की बात कही गई है, लेकिन फिलहाल धरना जारी है।
वहीं, किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द लिखित जवाब नहीं देता है, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप से जारी रखा जाएगा। कमिश्नर के लौटने के बाद भी किसान मौके पर डटे रहे और आगे की रणनीति बनाने में जुट गए। इस दौरान आंदोलन स्थल पर किसानों ने सामूहिक भोजन की तैयारी भी शुरू कर दी है। दाल-बांटी बनाने की व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इससे स्पष्ट है कि किसान लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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