ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम कायदा में बुधवार को ‘सांझ चौपाल’ का आयोजन किया गया। चौपाल में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए।
चौपाल में सरपंच मालती सिलारे, पुलिस अधीक्षक शशांक, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली जोसेफ जोनाथन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा, एसडीएम टिमरनी संजीव कुमार नागू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान राजस्व, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, पेंशन, राशन सहित अन्य विभागों से संबंधित करीब 200 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी भवन के जर्जर होने की समस्या उठाई, जिस पर कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। वहीं सब-स्टेशन निर्माण कार्य की धीमी प्रगति की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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चंद्रखाल के पास पुलिया निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने बताया कि शासन से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। बैंकिंग सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों ने राजाबरारी में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा गांव में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान पुलिस अधीक्षक शशांक ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों से ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और केवाईसी संबंधी सूचनाएं किसी के साथ साझा न करने की अपील की। साथ ही शराब पीकर वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई तथा पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।