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325 families performed worship on the 21st day of Shantinath Vidhan; Jainism is beginningless and eternal: Bhavbhushan.
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Meerut: शांतिनाथ विधान के 21वें दिन 325 परिवारों ने की आराधना, जैन धर्म अनादि और शाश्वत : भावभूषण
मेरठ। हस्तिनापुर कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान के 21वें दिन श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ विधान के अंतर्गत भगवान जिनेंद्र का विधिवत अभिषेक किया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शांतिधारा करने का सौभाग्य अभिनव जैन, आयुष्मान जैन, अर्जुन जैन और नेमचंद जैन को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रमुख पात्रों का तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से माला, मुकुट और मंगल तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विधान में 325 परिवारों ने सहभागिता कर जिनेंद्र प्रभु की आराधना की। विधान के मध्य मुनि 108 भावभूषण महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जैन धर्म अनादि और शाश्वत धर्म है। इसके प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने मानव समाज को जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक कर्मों का उपदेश दिया, जबकि अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने अहिंसा, सत्य और अस्तेय का संदेश देकर मानवता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि भगवान शांतिनाथ के अवतरण से तीनों लोकों में शांति का वातावरण स्थापित हुआ था। उनके प्रभाव से प्रकृति में समृद्धि आई और समाज में सुख-शांति का संचार हुआ। मुनिश्री ने कहा कि भगवान शांतिनाथ के प्रभाव से जैन धर्म निरंतर प्रवाहित होता रहा है और आने वाले हजारों वर्षों तक इसकी परंपरा बनी रहेगी। उन्होंने हस्तिनापुर में विराजमान भगवान शांतिनाथ की प्राचीन प्रतिमा के अतिशय और धार्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। विधान की धार्मिक क्रियाएं बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी के निर्देशन में संपन्न हुईं। संध्याकालीन संगीतमय महाआरती में श्रद्धालुओं ने भजनों पर भक्ति रस का आनंद लिया। वहीं रात्रि में आयोजित धार्मिक प्रश्नमंच प्रतियोगिता में सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का संचालन बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी ने किया, जबकि विजेताओं को उर्मिला जैन, द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, महा प्रबंधक मुकेश जैन समेत अनेक पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
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