मध्यप्रदेश: गांधी सागर बांध ओवरफ्लो, मंदसौर-नीमच में 20 हजार लोग राहत कैंपों में भेजे गए
- मंदसौर और नीमच में बारिश से रेड अलर्ट जारी।
- मंदसौर में बारिश का 75 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
- करीब 200 गांवों के हालात खराब हैं।
- जिला प्रशासन ने 117 गांवों को खाली कराया है।
विस्तार
मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच में बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मंदसौर में बारिश का 75 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। जिससे करीब 200 गांवों के हालात खराब हैं। जानकारी के मुताबिक बीते 24 घंटे में 9 इंच की बारिश हुई है, जिससे इन गांवों में पानी घुस गया है। जिला प्रशासन की ओर से 117 गांवों को खाली करा दिया गया है। हालात इतने खराब हैं कि 20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में भेजा गया है।
गांधी सागर बांध का पानी शनिवार रात तक मंदसौर और नीमच जिले के 63 गांवों तक आ गया। बाढ़ के हालात देखते हुए अगले दिन सुबह नौ बजे तक 2500 लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यहां बस स्टैंड तक में पानी भर गया था। जिसके चलते मौसम केंद्र ने यहां रेड अलर्ट जारी कर दिया है। अभी तक मंदसौर में 77.5 इंच बारिश हो चुकी है, इससे पहले 1944 में सबसे अधिक 62 इंच तक बारिश हुई थी।
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गांधी सागर बांध से राजस्थान में भी बाढ़ आ गई है। केंद्र ने दोनों ही राज्यों की समीक्षा ली। जिसके बाद बांध को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया गया। कैबिनेट सचिव ने दोनों राज्यों के प्रशासनिक मुखिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालातों की जानकारी ली है।
बता दें गांधी सागर में बारिश का 16 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 5 लाख क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। इससे राजस्थान के जिलों में बाढ़ आ गई है।
बांध में दरार नहीं पर घट रहा पानी
मध्यप्रदेश की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग में बैठे मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने कहा कि शनिवार को बांध में 16 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जो रविवार देर शाम को घटने लगी। बांध के बैक वाटर से 63 गांव प्रभावित हुए हैं, जिन्हें खाली करा दिया गया है। हालांकि बांध में कहीं दरार नहीं है, हर क्षण मॉनिटरिंग की जा रही है।
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