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MP News: बीमारी से परेशान इंजीनियर ने किया सुसाइड, चेहरे पर पॉलीथिन बांध नाइट्रोजन गैस भरी, दम घुटने से मौत
Tue, 05 Jul 2022 08:00 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 05 Jul 2022 08:00 AM IST
सार
नर्मदापुरम जिले में नगर पालिका के सब इंजीनियर ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। सब इंजीनियर ने सुसाइड करने के लिए पहले चेहरे पर पॉलीथिन लपेटी और फिर पाइप के जरिए नाइट्रोजन गैस भरी, गैस के चलते दम घुटने से सब इंजीनियर की मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नगर पालिका के सब इंजीनियर ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। सब इंजीनियर चेतन भुमरकर ने आत्महत्या करने के लिए इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। आत्महत्या के तरीके को देखकर लोग हैरान हैं। सब इंजीनियर ने सुसाइड करने के लिए पहले चेहरे पर पॉलीथिन लपेटी और फिर पाइप के जरिए नाइट्रोजन गैस भरी, गैस के चलते दम घुटने से सब इंजीनियर की मौत हो गई। सब इंजीनियर अपने एक रूप मेट के साथ रहा करता था आत्महत्या करने से पहले उसने अपने रूम मेट को रिलेटिव आने की बात कह कर उसके घर भेज दिया, जब दो दिन से दरवाजा नहीं खुला तो खाना बनाने वाली मेड ने रूम मेट और पड़ोसी को बताया, जिसके बाद पुलिस को जानकारी मिली और दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस जैसे ही अंदर पहुंची तो सब इंजीनियर के सुसाइड का पता चला।
कमरे के अंदर गद्दे पर सब इंजीनियर चेतन मृत अवस्था में पड़ा था। जब लोगों ने उसके आत्महत्या करने का तरीका देखा तो सब हैरान रह गए। पुलिस ने FSL टीम को बुलाकर घचनास्थल की जांच कराई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पॉलीथिन में भरी नाइट्रोजन गैस से दम घुटने के कारण सब इंजीनियर की मौत होने की बात कही है।
सुसाइड से पहले रूम मेट को गांव भेजा
सब इंजीनियर चेतन के रूम मेट लखन कुशवाहा ने बताया कि वह बीएससी फर्स्ट ईयर का छात्र है। करीब एक महीने पहले ही वह चेतन के साथ रहने आया था। शनिवार को चेतन रिलेटिव आने की बात कह कर मुझे गांव जाने के लिए कहा। गांव पहुंचने पर रविवार और सोमवार को मेड ने कॉल कर बताया कि दरवाजा अंदर से बंद है। जब उन्होंने फिर कॉल किया तो मैं आया और पड़ोसियों को जानकारी दी। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया, जिसके बाद चेतन भैया के सुसाइड के मामले का खुलासा हुआ।
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बैतूल का रहने वाला था सब इंजीनियर
मृतक चेतन भुमरकर बैतूल जिले का रहने वाला था। मृतक के ममेरे भाई ने बताया कि चेतन के माता-पिता का देहांत हो चुका है एक छोटी बहन है जो कि इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही है। मृतक लंबे समय से बीमारी से परेशान था, जिसका इलाज वह इंदौर में करा रहा था। वह बंजारा हिल्स पर नर्मदा परिसर में फ्लैट में रहता था और नगर पालिका नर्मदापुरम की जल प्रदाय शाखा में बतौर सब इंजीनियर कार्यरत था।
बीमारी के चलते मौत को लगाया गले
मृतक के पास से एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा है कि, मैं चेतन भुमरकर नगर पालिका में उपयंत्री हूं। मैं बीमारी से परेशान हूं। जिस कारण मैं अपना कार्य पूरी तरह से कर नहीं पा रहा। मेरी मृत्यु के बाद मेरे परिवार या किसी को भी परेशान मत करना। मैं स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मृत्यु की सूचना मेरे मामा सुधाकर नागले, मौसी शांति बाईकर, भैया राजेंद्र गुजरे, जीजाजी पंचम चौरसिया को दे देना। नाम के साथ ही सभी के मोबाइल नंबर लिखे हैं।
दम घुटने से गई जान
थाना कोतवाली टीआई संतोष सिंह चौहान ने बताया मृतक चेतन मैकेनिकल इंजीनियर था। आत्महत्या में उसने इंजीनियरिंग का उपयोग किया। मुंह पॉलीथिन से बंधा था। जिसमें नाइट्रोजन गैस पाइप से भरी होगी। दम घुटने से उसकी मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। सुसाइड नोट भी मिला है। मामले की जांच कर रहे है। मृतक के इंदौर, बैतूल के परिजन को सूचना दे दी है।
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कमरे के अंदर गद्दे पर सब इंजीनियर चेतन मृत अवस्था में पड़ा था। जब लोगों ने उसके आत्महत्या करने का तरीका देखा तो सब हैरान रह गए। पुलिस ने FSL टीम को बुलाकर घचनास्थल की जांच कराई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पॉलीथिन में भरी नाइट्रोजन गैस से दम घुटने के कारण सब इंजीनियर की मौत होने की बात कही है।
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सुसाइड से पहले रूम मेट को गांव भेजा
सब इंजीनियर चेतन के रूम मेट लखन कुशवाहा ने बताया कि वह बीएससी फर्स्ट ईयर का छात्र है। करीब एक महीने पहले ही वह चेतन के साथ रहने आया था। शनिवार को चेतन रिलेटिव आने की बात कह कर मुझे गांव जाने के लिए कहा। गांव पहुंचने पर रविवार और सोमवार को मेड ने कॉल कर बताया कि दरवाजा अंदर से बंद है। जब उन्होंने फिर कॉल किया तो मैं आया और पड़ोसियों को जानकारी दी। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया, जिसके बाद चेतन भैया के सुसाइड के मामले का खुलासा हुआ।
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बैतूल का रहने वाला था सब इंजीनियर
मृतक चेतन भुमरकर बैतूल जिले का रहने वाला था। मृतक के ममेरे भाई ने बताया कि चेतन के माता-पिता का देहांत हो चुका है एक छोटी बहन है जो कि इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही है। मृतक लंबे समय से बीमारी से परेशान था, जिसका इलाज वह इंदौर में करा रहा था। वह बंजारा हिल्स पर नर्मदा परिसर में फ्लैट में रहता था और नगर पालिका नर्मदापुरम की जल प्रदाय शाखा में बतौर सब इंजीनियर कार्यरत था।
बीमारी के चलते मौत को लगाया गले
मृतक के पास से एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा है कि, मैं चेतन भुमरकर नगर पालिका में उपयंत्री हूं। मैं बीमारी से परेशान हूं। जिस कारण मैं अपना कार्य पूरी तरह से कर नहीं पा रहा। मेरी मृत्यु के बाद मेरे परिवार या किसी को भी परेशान मत करना। मैं स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मृत्यु की सूचना मेरे मामा सुधाकर नागले, मौसी शांति बाईकर, भैया राजेंद्र गुजरे, जीजाजी पंचम चौरसिया को दे देना। नाम के साथ ही सभी के मोबाइल नंबर लिखे हैं।
दम घुटने से गई जान
थाना कोतवाली टीआई संतोष सिंह चौहान ने बताया मृतक चेतन मैकेनिकल इंजीनियर था। आत्महत्या में उसने इंजीनियरिंग का उपयोग किया। मुंह पॉलीथिन से बंधा था। जिसमें नाइट्रोजन गैस पाइप से भरी होगी। दम घुटने से उसकी मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। सुसाइड नोट भी मिला है। मामले की जांच कर रहे है। मृतक के इंदौर, बैतूल के परिजन को सूचना दे दी है।
