राजा रघुवंशी हत्याकांड: पुलिस की चूक या साक्ष्य की कमी? सोनम चौथी आरोपी जिसको मिली जमानत
Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को गिरफ्तारी के करीब 11 महीने बाद जमानत मिल गई है। इस फैसले से एक ओर जहां रघुवंशी परिवार में नाराजगी है, वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी कानूनी हलचल तेज हो गई है। जमानत मिलने का कारण पुलिस की एक चूक को बताया जा रहा है।
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देशभर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। जमानत का आधार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम की जिस तरह से पुलिस ने गिरफ्तारी की है उसे बताया जा रहा है। पुलिस ने सोनम को यह नहीं बताया था कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया है। इस पर सोनम के वकील ने कोर्ट में तर्क दिए हैं। उधर सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने भी जमानत अर्जी लगाई है। फिलहाल सोनम का साथ देने वाले अन्य चार आरोपियों को जमानत नहीं मिली है।
इनको मिल चुकी है जमानत
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम पहली नहीं है जिसको जमानत मिली है। इसके पहले कोर्ट हत्या के सबूत मिटाने के आरोपी यानि इंदौर में फ्लैट किराए पर दिलाने वाले शिलोम जेम्स, मकान मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार को जमानत दे चुका है। शिलोम पर फ्लैट में मिले पैसे और गहनों को अपने पास रखने का आरोप है। ये भी आरोप है कि उसने बैग को खाली प्लॉट में जलाया था।
जमानत से पीड़ित परिवार नाराज
उधर राजा का भाई विपिन लगातार आरोपियों को जमानत मिलने से नाराज है। इस केस में उन्होंने भी वकील नियुक्त किया है। विपिन का कहना है कि सोनम को जमानत नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि अभी केस कोर्ट में है। वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। इस जमानत का रघुवंशी परिवार अपने वकील के माध्यम से विरोध करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरे भाई की हत्या के बाद सोनम के भाई गोविंद ने कहा था कि वह उनके परिवार के साथ है, लेकिन वह सोनम की मदद कर रहा है। शिलांग कोर्ट में उसी ने सोनम के लिए वकील नियुक्त कराने में मदद की।
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11 महीने बाद मिली जमानत
सोनम को गिरफ्तारी के 11 महीने बाद जमानत मिली है। राजा रघुवंशी की हत्या पिछले साल 23 मई को शिलांग में की गई थी। हत्या के 17 दिन बाद पुलिस ने गुत्थी सुलझाते हुए इंदौर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे के पास से पुलिस ने हिरासत में लिया था। सोनम ने अपने भाई को वहां से फोन लगाया और लूट के बाद कुछ आरोपियों द्वारा सड़क पर छोड़ने की कहानी रची थी, लेकिन उससे पहले शिलांग पुलिस ने इंदौर से सोनम के प्रेमी राज कुशवाह और उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सोनम ने भी अपराध कबूल कर लिया था। बाद में शिलांग पुलिस गाजीपुर जाकर सोनम को गिरफ्तार कर लाई।
बड़े चाकू से वार कर खाई में फेंका था
राजा रघुवंशी पर 23 मई को आरोपी विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी ने सोनम के इशारे पर बड़े चाकू से वार किए थे। इसके बाद चारों ने राजा को खाई में फेंक दिया था। सोनम खुद आरोपियों के साथ किराए पर ली गई बाइक से भाग गई थी। उसके सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले थे, जिससे जांच की दिशा बदल गई। राजा का शव मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग सुरागों को जोड़ा और फिर इंदौर पहुंचकर हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्या की साजिश सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने रची थी। राज आरोपियों के साथ शिलांग नहीं गया था।

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