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Indore News: होटल, हॉस्टल और रेस्टोरेंट वाले हो जाएं सतर्क, इंदौर में शुरू हुई बड़ी छापेमारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 28 Apr 2026 06:51 AM IST
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सार
Indore News: इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं। गंदगी मिलने या अमानक खाद्य सामग्री पाए जाने पर एफआईआर होगी, विशेषकर छात्र बहुल क्षेत्रों और मौसमी खाद्य केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर जिले में मिलावटखोरी के विरुद्ध चल रहे अभियान को अब और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि शहर में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों को पूरी कठोरता के साथ लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत खाद्य संस्थानों की नियमित जांच और सैंपलिंग की जा रही है। यदि किसी संस्थान में खाद्य सामग्री अमानक पाई जाती है, तो वहां दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, जहां अस्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थ बनते पाए जाएंगे, उन स्थानों को सील करने और संबंधितों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा निर्माण स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित करना था।
मौसमी खाद्य पदार्थों पर रहेगी निगरानी
पूर्व में संचालित सुरक्षित होली अभियान की सफलता के बाद अब प्रशासन की नजर गर्मी के मौसम में बिकने वाले उत्पादों पर है। कलेक्टर ने आइस्क्रीम, जूस और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों के विक्रय केंद्रों पर निरंतर निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा न जाए।
विद्यार्थी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
प्रशासन का विशेष ध्यान भंवरकुआ और गीता भवन जैसे क्षेत्रों पर है, जहां अन्य जिलों से आए छात्र बड़ी संख्या में छात्रावासों में रहते हैं। इन क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन मिल सके। इसके साथ ही आने वाले समय में जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएंगे।
4 माह में 545 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 से अब तक जिले में कुल 545 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान 1131 नमूने लिए गए, जिनमें से 222 नमूने दूध एवं दुग्ध उत्पादों के थे। इस अवधि में 15 से अधिक बड़ी कार्रवाईयां की गईं, जिसमें हजारों किलोग्राम और लीटर संदिग्ध सामग्री जब्त की गई। कई दुकानों को तत्काल बंद करवाया गया और अनेक प्रकरणों को न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया है।
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खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा निर्माण स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित करना था।
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मौसमी खाद्य पदार्थों पर रहेगी निगरानी
पूर्व में संचालित सुरक्षित होली अभियान की सफलता के बाद अब प्रशासन की नजर गर्मी के मौसम में बिकने वाले उत्पादों पर है। कलेक्टर ने आइस्क्रीम, जूस और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों के विक्रय केंद्रों पर निरंतर निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा न जाए।
विद्यार्थी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
प्रशासन का विशेष ध्यान भंवरकुआ और गीता भवन जैसे क्षेत्रों पर है, जहां अन्य जिलों से आए छात्र बड़ी संख्या में छात्रावासों में रहते हैं। इन क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन मिल सके। इसके साथ ही आने वाले समय में जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएंगे।
4 माह में 545 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 से अब तक जिले में कुल 545 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान 1131 नमूने लिए गए, जिनमें से 222 नमूने दूध एवं दुग्ध उत्पादों के थे। इस अवधि में 15 से अधिक बड़ी कार्रवाईयां की गईं, जिसमें हजारों किलोग्राम और लीटर संदिग्ध सामग्री जब्त की गई। कई दुकानों को तत्काल बंद करवाया गया और अनेक प्रकरणों को न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया है।

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