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Vizag का ‘G’ हुआ Google के नाम: मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- भारत ग्लोबल टेक कंपनियों का भरोसेमंद साथी
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:30 PM IST
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सार
Google Cloud AI Hub Vizag: मंगलवार को विशाखापत्तनम में 1.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ 'गूगल क्लाउड एआई हब' का शिलान्यास हुआ। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट से करीब 2 लाख नई नौकरियों के पैदा होने का अनुमान है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र मंत्री नारा लोकेश ने इसे भारत के डिजिटल भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
विशाखापत्तनम में हुआ गूगल के डेटा सेंटर का शिलान्यास
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में मंगलवार, 28 अप्रैल को 15 अरब डॉलर के 'गूगल क्लाउड एआई हब' की नींव रखी गई। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट से न सिर्फ लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि यह भारत को दुनिया के सबसे भरोसेमंद टेक-पार्टनर के रूप में भी स्थापित करेगा। डेटा सेंटर के शिलान्यास समारोह में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश भी मौजूद थे। आंध्र प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाले इस प्रोजेक्ट की शुरुआत बेहद खास रही, जिससे राज्य तकनीक के नक्शे पर एक अहम मुकाम पर पहुंच गया है।
विजाग में गूगल के इस महाप्रोजेक्ट की शुरुआत कैसे हुई?
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर इसका क्या असर होगा?
यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में गूगल का AI डेटा सेंटर: विशाखापत्तनम में सीएम नायडू ने रखी नींव, 600 एकड़ में होगा विकसित
दुनिया के लिए भारत सबसे भरोसेमंद टेक पार्टनर क्यों बन रहा है?
इस प्रोजेक्ट का आकार और भविष्य का लक्ष्य क्या है?
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विजाग में गूगल के इस महाप्रोजेक्ट की शुरुआत कैसे हुई?
- राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम (विजाग) के करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये) के इस गूगल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर की आधारशिला रखी।
- इस मौके पर राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए गर्व से कहा कि "अब विजाग में 'G' का मतलब गूगल है।"
- उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह केवल फीता काटने वाला एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राज्य के विकास की दिशा में एक नया इतिहास रचने की असल शुरुआत है।
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अर्थव्यवस्था और रोजगार पर इसका क्या असर होगा?
- इस विशाल गूगल क्लाउड एआई हब के जरिए आंध्र प्रदेश में लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आ रहा है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
- केवल इसके निर्माण कार्य (कंस्ट्रक्शन फेज) के दौरान ही राज्य में करीब 25,000 नई और सीधी नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
- जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा, तो इसके विशाल डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
VIDEO | Visakhapatnam: Union Minister Ashwini Vaishnaw at the ground breaking ceremony of Google AI data centre, says, "In today's world, which is full of geopolitical uncertainty, entire world is looking for a trusted partner where IP rights will be respected, where the security… pic.twitter.com/nUHlnZ9Bsu
— Press Trust of India (@PTI_News) April 28, 2026
यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में गूगल का AI डेटा सेंटर: विशाखापत्तनम में सीएम नायडू ने रखी नींव, 600 एकड़ में होगा विकसित
दुनिया के लिए भारत सबसे भरोसेमंद टेक पार्टनर क्यों बन रहा है?
- शिलान्यास समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और तकनीकी दुनिया के बदलते नजरिए को स्पष्ट किया।
- उन्होंने कहा कि आज की भारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच पूरी दुनिया एक ऐसे सुरक्षित और भरोसेमंद साथी की तलाश कर रही है जिस पर आंख मूंदकर विश्वास किया जा सके।
- दुनिया भर की ग्लोबल टेक कंपनियां अब भारत को इसलिए चुन रही हैं क्योंकि यहां उनके बौद्धिक संपदा (IP) अधिकारों का पूरा सम्मान होता है और डेटा सुरक्षा की पक्की गारंटी है।
- केंद्रीय मंत्री के अनुसार, आज दुनिया को एक ऑडिट योग्य, जांचने लायक और पारदर्शी सप्लाई चेन की जरूरत है, और ऐसी सुरक्षित वैल्यू चेन आज के समय में केवल भारत में ही मुमकिन है।
इस प्रोजेक्ट का आकार और भविष्य का लक्ष्य क्या है?
- राज्य को भविष्य का एक ग्लोबल डेटा हब बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट का पैमाना बेहद विशाल और दूरदर्शी रखा गया है।
- यह 1 गीगावाट (1 GW) क्षमता वाला डेटा सेंटर भारत के सबसे बड़े एआई डेटा केंद्रों में से एक होगा, जो सबसे बेहतरीन क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज की सुविधाएं देगा।
- इस मेगा प्रोजेक्ट को विजाग के पास के तीन गांवों- तारलुवाड़ा, अदावीवरम और रामबिल्ली में लगभग 600 एकड़ के विशाल क्षेत्र में अन्य निजी भागीदारों के साथ मिलकर स्थापित किया जा रहा है।
- राज्य सरकार का भविष्य का विजन सिर्फ इसी सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे आंध्र प्रदेश में 6.5 गीगावाट क्षमता का एक बेजोड़ 'मल्टी-गीगावाट' डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है।
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