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इंदौर: बड़े स्कूलों और मैरिज हॉल पर गिरी निगम की गाज, वाटर हार्वेस्टिंग नहीं कराने वालों पर 365 दिन कार्रवाई

Mon, 05 Oct 2026 06:11 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Mon, 05 Oct 2026 06:11 AM IST
सार

इंदौर में नगर निगम ने वर्षाजल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग न लगाने वालों पर साल भर कार्रवाई करने का फैसला किया है। जांच के दौरान मैरिज हॉल, स्कूलों और लॉज पर जुर्माना लगाया गया, वहीं सही सिस्टम वाले 11 स्थानों की जियो टैगिंग की गई।

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इंदौर नगर निगम में घोटाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर में बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भी नगर निगम ने वर्षाजल संरक्षण को लेकर अपना अभियान धीमा नहीं किया है। निगम प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न लगाने वाले भवन स्वामियों और संस्थानों के खिलाफ अब साल भर कार्रवाई जारी रहेगी।
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छह भवनों पर लगा जुर्माना, मैरिज हॉल और स्कूलों पर भी गाज
नगर निगम की विभिन्न टीमों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान छह प्रमुख भवनों और संस्थानों में नियम अनुसार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं पाया गया। इस लापरवाही पर त्वरित कदम उठाते हुए जुर्माना लगाया गया। वार्ड क्रमांक 1 के अंतर्गत आने वाले इंदौर मैरिज हॉल में निरीक्षण के दौरान वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम गायब मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया। इसके अतिरिक्त विसडम पब्लिक स्कूल और सत्यसांई स्कूल में भी हार्वेस्टिंग सिस्टम अनुपस्थित पाए जाने पर दोनों शैक्षणिक संस्थानों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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लॉज और आवासीय भवनों पर भी सख्ती
इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 59 के निहालपुर क्षेत्र में चलाए गए जांच अभियान के दौरान जायसवाल लॉज पर 10 हजार रुपये तथा जायसवाल भवन पर 5 हजार रुपये का दंड लगाया गया। वहीं वार्ड 53 के आजाद नगर क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न होने पर 9 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
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11 स्थानों पर की गई जियो टैगिंग
जांच अभियान केवल चालान काटने तक ही सीमित नहीं रहा। जिन परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सही पाए गए, उनकी डिजिटल मैपिंग भी की गई। वार्ड क्रमांक 16 के अंतर्गत आने वाले ऐसे 11 स्थानों पर नगर निगम की टीम ने जियो टैगिंग की प्रक्रिया पूरी की, ताकि इन प्रणालियों का रिकॉर्ड रखा जा सके।


अगले मानसून की तैयारी, आयुक्त के निर्देश पर पूरे साल चलेगा अभियान
बारिश का मौसम बीत जाने के बाद भी हो रही इस कार्रवाई पर निगम अधिकारियों ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों के अनुसार, निगम आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जल संरक्षण का यह अभियान केवल मानसून तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे साल चलने वाली इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षा ऋतु से पहले शहर के अधिकाधिक भवनों में हार्वेस्टिंग सिस्टम सुनिश्चित करना है, ताकि बारिश का अधिकतम जल जमीन के भीतर भेजा जा सके और भूजल स्तर में सुधार हो।
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