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Indore News: 55 की उम्र में जी रहे हैं बचपन, रिटायरमेंट के बाद भी नहीं रुके कदम, 13 साल से रच रहे इतिहास
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 21 Jan 2026 07:22 AM IST
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सार
Indore News: इंदौर के आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर ने अपनी स्थापना के 13 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य समारोह आयोजित किया। 2013 से शुरू हुई यह यात्रा आज बुजुर्गों के लिए सम्मान और सक्रियता का केंद्र बन चुकी है।
संस्था आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित प्रमुख संस्था आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर ने अपनी स्थापना के 13 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस विशेष समारोह में संस्था के सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ वर्षगांठ मनाई। इस गरिमामयी अवसर पर सेवा निवृत्त हाई कोर्ट जज रमेश गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। यह 13 वर्षीय यात्रा इंदौर के बुजुर्गों के लिए न केवल सहारा बनी है, बल्कि उनके जीवन में सक्रियता और आत्मसम्मान का नया संचार भी कर रही है।
चार दोस्तों ने रखी थी इसकी नींव
संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बीते वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2013 में मात्र चार साथियों और भाटिया परिवार के सहयोग से इस केंद्र की नींव रखी गई थी। आज यह संस्था एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। आनंदम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठजनों के बीच सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। यहां सदस्य स्वयं ही विभिन्न गतिविधियों का संचालन करते हैं, जिससे उन्हें अपनी उपयोगिता और सम्मान का अनुभव होता है।
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सामाजिक उत्तरदायित्व को बखूबी निभा रहे सदस्य
आनंदम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी इसकी सक्रिय भागीदारी है। गुरवीन भाटिया के नेतृत्व में आनंदिनी समूह का गठन किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद बालिकाओं की सहायता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा विद्या छात्रवृत्ति योजना और अन्न कलश जैसी महत्वपूर्ण पहलें भी चलाई जा रही हैं, जो समाज के वंचित वर्गों को लाभान्वित कर रही हैं।
डिजिटल साक्षरता के साथ खेल गतिविधियों पर भी फोकस
समय की मांग को देखते हुए संस्था ने डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में कंप्यूटर वितरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में भी बुजुर्गों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए कैरम और टेबल टेनिस जैसी प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। सचिव एस. बी. खंडेलवाल के अनुसार, उम्र के इस पड़ाव पर बचपन को दोबारा जीने का अवसर देना ही आनंदम की प्राथमिकता है।
सांस्कृतिक मंच को आगे बढ़ाने की योजना
वरिष्ठ नागरिकों की गायन प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजित होने वाली वॉइस ऑफ सीनियर्स प्रतियोगिता अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। इसके सात सफल संस्करण पूरे हो चुके हैं। आगामी तीन वर्षों में डीडवानिया चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ मिलकर 300 कंप्यूटर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। 13 वर्षों की यह यात्रा सिद्ध करती है कि सेवा और रिश्तों का संगम ही आनंदम की वास्तविक सफलता है।
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चार दोस्तों ने रखी थी इसकी नींव
संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बीते वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2013 में मात्र चार साथियों और भाटिया परिवार के सहयोग से इस केंद्र की नींव रखी गई थी। आज यह संस्था एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। आनंदम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठजनों के बीच सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। यहां सदस्य स्वयं ही विभिन्न गतिविधियों का संचालन करते हैं, जिससे उन्हें अपनी उपयोगिता और सम्मान का अनुभव होता है।
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डिजिटल साक्षरता के साथ खेल गतिविधियों पर भी फोकस
समय की मांग को देखते हुए संस्था ने डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में कंप्यूटर वितरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में भी बुजुर्गों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए कैरम और टेबल टेनिस जैसी प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। सचिव एस. बी. खंडेलवाल के अनुसार, उम्र के इस पड़ाव पर बचपन को दोबारा जीने का अवसर देना ही आनंदम की प्राथमिकता है।
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वरिष्ठ नागरिकों की गायन प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजित होने वाली वॉइस ऑफ सीनियर्स प्रतियोगिता अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। इसके सात सफल संस्करण पूरे हो चुके हैं। आगामी तीन वर्षों में डीडवानिया चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ मिलकर 300 कंप्यूटर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। 13 वर्षों की यह यात्रा सिद्ध करती है कि सेवा और रिश्तों का संगम ही आनंदम की वास्तविक सफलता है।

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