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Indore News: 13 टाइगर और 15 लायन, इंदौर के जू में हर साल बढ़ रही इनकी संख्या, वजह भी है खास
Wed, 29 Jul 2026 09:59 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 29 Jul 2026 09:59 AM IST
सार
वर्तमान में यहां 13 टाइगर, 15 लायन और 3 लेपर्ड समेत कुल 31 बड़े कैट्स का कुनबा मौजूद है, जिन्हें देखने के लिए देश भर से पर्यटक आ रहे हैं।
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शावकों की मस्ती पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। फोटो- जयेश मालवीय।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय टाइगर की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले 10 वर्षों में यहां 26 टाइगर शावकों का जन्म हुआ है। इन 26 में से लगभग 22 शावक पूरी तरह स्वस्थ होकर बड़े हुए हैं। इसी 10 साल की अवधि में इंदौर से 20 टाइगर देश के विभिन्न चिड़ियाघरों में एक्सचेंज किए गए हैं। वर्तमान में यहां 13 टाइगर मौजूद हैं। छोटे श्रेणी के चिड़ियाघर के रूप में इंदौर वन्य प्राणियों की कुल संख्या, प्रजातियों की विविधता और सफल ब्रीडिंग के मामले में देश में पहले स्थान पर है। यहां हर वर्ष दर्शकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और देश भर से लोग वन्य प्राणियों को देखने आ रहे हैं।
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तनावमुक्त वातावरण और पैडिग्री शीट का महत्व
जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार ब्रीडिंग की सफलता की मुख्य कुंजी तनावमुक्त माहौल है। यदि कोई टाइगर लगातार चक्कर काटता है, बार-बार उठता-बैठता है, बेचैन दिखता है या जगह बदलने का प्रयास करता है तो इसे तनाव का संकेत माना जाता है। चिड़ियाघर में किसी भी नर और मादा टाइगर को सीधे एक साथ नहीं रखा जाता। सबसे पहले उनकी पैडिग्री शीट की जांच की जाती है, जिसमें 8 से 10 पीढ़ियों तक का रिकॉर्ड दर्ज होता है। इसके साथ ही उनकी ब्लड लाइन का भी ध्यान रखा जाता है।
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विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक निगरानी
सुबह के समय जैसे ही टाइगर बाड़ों से बाहर निकलते हैं, विशेषज्ञों की टीम उनकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखती है। कौन सा टाइगर कितनी देर टहल रहा है, किसका व्यवहार सामान्य है और कौन तनाव में दिखाई दे रहा है, इन सभी बातों को रिकॉर्ड किया जाता है। यही सूक्ष्म निगरानी, प्राकृतिक माहौल और वैज्ञानिक प्रबंधन इंदौर के चिड़ियाघर में टाइगरों की संख्या बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मांग और एनिमल एक्सचेंज
इंदौर के चिड़ियाघर के टाइगरों की माँग देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों से आती है। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत यहां से प्राणियों को दूसरे चिड़ियाघरों में भेजकर उन वन्य जीवों को यहां लाया जाता है जिनकी इंदौर में आवश्यकता होती है।
वन्य जीवों का कुल कुनबा
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में 13 टाइगर, 15 लायन और 3 लेपर्ड निवास कर रहे हैं। इन सभी को मिलाकर यह कुनबा कुल 31 का हो जाता है। देश के कोने-कोने से पर्यटक इन वन्य जीवों को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं।
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विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक निगरानी
सुबह के समय जैसे ही टाइगर बाड़ों से बाहर निकलते हैं, विशेषज्ञों की टीम उनकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखती है। कौन सा टाइगर कितनी देर टहल रहा है, किसका व्यवहार सामान्य है और कौन तनाव में दिखाई दे रहा है, इन सभी बातों को रिकॉर्ड किया जाता है। यही सूक्ष्म निगरानी, प्राकृतिक माहौल और वैज्ञानिक प्रबंधन इंदौर के चिड़ियाघर में टाइगरों की संख्या बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मांग और एनिमल एक्सचेंज
इंदौर के चिड़ियाघर के टाइगरों की माँग देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों से आती है। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत यहां से प्राणियों को दूसरे चिड़ियाघरों में भेजकर उन वन्य जीवों को यहां लाया जाता है जिनकी इंदौर में आवश्यकता होती है।
वन्य जीवों का कुल कुनबा
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में 13 टाइगर, 15 लायन और 3 लेपर्ड निवास कर रहे हैं। इन सभी को मिलाकर यह कुनबा कुल 31 का हो जाता है। देश के कोने-कोने से पर्यटक इन वन्य जीवों को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं।
